पोंटी चड्ढा और हरदीप के मर्डर में तीसरा पक्ष था शामिल?

शराब और रीयल एस्टेट के बड़े कारोबारी गुरदीप सिंह उर्फ पॉन्टी चड्ढा और उनके छोटे भाई हरदीप सिंह चड्ढा के मर्डर केस में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, इस केस में कई नए मोड़ सामने आ रहे हैं।

ज़ी न्‍यूज ब्‍यूरो
नई दिल्‍ली : शराब और रीयल एस्टेट के बड़े कारोबारी गुरदीप सिंह उर्फ पॉन्टी चड्ढा और उनके छोटे भाई हरदीप सिंह चड्ढा के मर्डर केस में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, इस केस में कई नए मोड़ सामने आ रहे हैं।
टाइम्‍स ऑफ इंडिया में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, पोस्‍टमार्टम के शुरुआती पड़ताल में पुलिस के दावे पर कुछ सवाल खड़े किए हैं। जिसमें कहा गया था कि तीखी नोकझोंक और बहस के बाद गोली चलने से चड्ढा बंधुओं की मौत हुई थी।
एम्‍स के डाक्‍टरों के अनुसार (जिन्‍होंने पोस्‍टमार्टम किया), दोनों चड्ढा बंधुओं के शरीर में समान संख्‍या में गोली लगने के घाव थे। संभवत: दर्जन से ऊपर। हालांकि यह भी सामने आया कि पोंटी के शरीर से चार गोलियां निकाली गई जबकि हरदीप के शरीर से कोई भी नहीं। एम्‍स के सूत्रों के अनुसार, यह सब दो परिस्थितियों में ही समान हो सकता है। या तो पोंटी को दूर से गोली मारी गई और हरदीप को नजदीक से। या तो पोंटी चड्ढा को किसी देशी पिस्‍टल से गोली मारी गई। हालांकि, पुलिस ने किसी देशी पिस्‍टल की बरामदगी से इनकार किया है।
संयुक्‍त पुलिस कमिश्‍नर विवेक गोगिया के अनुसार, एके-47 के अलावा हमने दो हथियार बरामद किए हैं। दोनों लाइसेंसी पिस्‍टल हैं। सूत्रों के अनुसार, इस बात की पूरी संभावना है कि इस हत्‍याकांड में गोलीबारी को किसी तीसरे पक्ष ने अंजाम दिया है, यदि पोंटी को दूर से गोली मारने और हरदीप को नजदीक से गोली मारने की बात सही साबित होती है। हालांकि, इस बात को साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत हाथ नहीं लगे हैं।
पोंटी के शरीर से निकले गोलियों को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेज दिया गया है। इस जांच में यह पता चल सकता है कि इस हत्‍याकांड में किस हथियार का प्रयोग किया गया था।
उधर, पोंटी चड्ढा और उनके छोटे भाई हरदीप सिंह चड्ढा उर्फ सतनाम के बीच खूनी संघर्ष की वजह प्रॉपर्टी विवाद ही था। शनिवार सुबह साढ़े 10 बजे पॉन्टी के करीब तीन दर्जन लोगों ने पहले सेंट्रल ड्राइव डीएलएफ एरिया फार्म हाउस नंबर 42 पर कब्जा किया था। इसके बाद कापसहेड़ा के बिजवासन में भी जाकर एक फार्म हाउस पर कब्जा करने की कोशिश की थी।
ये दोनों फार्म हाउस साझे की प्रॉपर्टी हैं किंतु इन पर हरदीप के ही लोग रह रहे थे। पॉन्टी व हरदीप हत्याकाड प्रकरण में दिल्ली पुलिस ने तीन मुकदमे दर्ज किए हैं। दो मुकदमे महरौली व एक कापसहेड़ा में दर्ज किया गया है। कापसहेड़ा वाले मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य की तलाश जारी है। महरौली वाले मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कागजी कार्यवाही दुरुस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
संयुक्त पुलिस आयुक्त विवेक गोगिया ने सोमवार को पहली बार औपचारिक तौर पर इसकी पुष्टि तब की, जब चड्ढा के परिजनों ने यह कहना शुरू कर दिया कि दोनों भाइयों के बीच कोई प्रॉपर्टी विवाद नहीं था। उधर, सोमवार को भी दिनभर पुलिस टीम फार्म हाउस नंबर 42 पर पहुंचकर जाच करती रही। उनके साथ फोरेंसिक टीम भी थी। संयुक्त पुलिस आयुक्त विवेक गोगिया ने बताया कि शनिवार को 12.30 बजे पुलिस को कॉल मिली थी कि छतरपुर स्थित 42 नंबर फार्म हाउस में झगड़ा हो रहा है। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो देखा कि पीछे की तरफ गेट के बाहर एक स्कार्पियो व एक मर्सिडीज खड़ी है। वहा एक व्यक्ति मृत पड़ा था। मौका ए वारदात पर दो पिस्टल गिरी मिलीं।