बायोमैट्रिक टैक्सी सर्विस का ट्रायल

इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचने वाले हवाई यात्रियों को उनके गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए बायोमैट्रिक टैक्सी सर्विस का ट्रायल शुरू हो गया है. ट्रायल सफल होने के बाद सप्ताह के अंत तक बायोमैट्रिक टैक्सी सर्विस स्थाई रूप से शुरू कर दी जाएगी.

नई दिल्ली: इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचने वाले हवाई यात्रियों को उनके गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए बायोमैट्रिक टैक्सी सर्विस का ट्रायल शुरू हो गया है. ट्रायल सफल होने के बाद सप्ताह के अंत तक बायोमैट्रिक टैक्सी सर्विस स्थाई रूप से शुरू कर दी जाएगी. इस योजना के तहत करीब तीन हजार टैक्सी ड्राइवरों को बायोमैट्रिक कार्ड जारी किए गए हैं.
यातायात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार हवाई यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर एक विशेष सॉफ्टवेयर तैयार कर यातायात पुलिस के प्री-पेड बूथ पर लगाया गया है. इस सॉफ्टवेयर की मदद से मिलने वाली स्लिप में हवाई यात्री का नाम, फ्लाइट संख्या, पासपोर्ट की डिटेल सहित टैक्सी-वे, टैक्सी का नम्बर एवं टैक्सी चालक का नाम आदि दर्ज होगा.
किसी अप्रिय घटना की स्थिति में पुलिस इसकी मदद से आसानी से पता लगा सकती है कि किस टैक्सी से किस यात्री ने सफर किया. इसके अलावा, ऐसी टैक्सी चालक जिनके पास बायोमैट्रिक कार्ड नहीं हैं, उन्हें न तो टैक्सी लेन में जाने की और न ही उन्हें एयरपोर्ट से किसी यात्री को बैठाने की इजाजत होगी. इन टैक्सियों के ड्राइवरों को निजी वाहनों की लेन में सवारी को उतार कर एयरपोर्ट से जाने के लिए कहा जाएगा.
गौरतलब है कि 2008 में सऊदी अरेबिया से आए एक व्यवसायी को दो टैक्सी ड्राइवरों ने आईजीआई एयरपोर्ट से अगवा कर उसकी हत्या कर दी थी. इससे पूर्व, 2004 में एक आस्ट्रेलिया मूल की महिला को एक टैक्सी ड्राइवर ने अगवा कर उसकी हत्या कर दी थी. इसके बाद आईजीआई एयरपोर्ट पर टैक्सी ड्राइवरों को बायोमेट्रिक कार्ड जारी करने की योजना तैयार की गई थी. कई सालों की जद्दोजहद के बाद अब सप्ताहांत तक बायोमेट्रिक कार्ड धारक टैक्सी ड्राइवरों को ही एयरपोर्ट पर प्रवेश करने की इजाजत मिलेगी.

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