भरतपुर स्थित आसाराम आश्रम की जांच के आदेश

राजस्थान के भरतपुर जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट नीरज के पवन ने भरतपुर शहर के निकट स्थित आसाराम के आश्रम का भूमि रूपान्तरण नहीं होने के मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

जयपुर : राजस्थान के भरतपुर जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट नीरज के पवन ने भरतपुर शहर के निकट स्थित आसाराम के आश्रम का भूमि रूपान्तरण नहीं होने के मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्टेट ने आज कहा कि तहसीलदार को भरतपुर शहर के निकट रमेश सैनी की ओर से दान दी गई चार बीघा कृषि भूमि में आसाराम का आश्रम होने तथा इस भूमि का कृषि से आबादी में रूपान्तरण नहीं होने के मामले की जांच के आदेश दिए गये हैं।
उन्होंने कहा कि शिकायत में बताया गया है आसाराम का जिस भूमि पर आश्रम है उसका कृषि भूमि से आबादी भूमि में रूपान्तरण नहीं हुआ है। पवन ने कहा कि आसाराम के आश्रम की देखभाल करने वाले को नोटिस देकर कृषि भूमि से आबादी में भूमि रूपान्तरण के बारे में जानकारी मांगी गई है। उन्होने कहा कि नियमों के तहत भूमि का रूपान्तरण नहीं करवाया गया तो भूमि को सवाई चक में (सरकारी भूमि) शामिल कर लिया जाएगा।
इस आश्रम में एक कुटिया भी बनी हुई है। भरतपुर आने के दौरान आसाराम इस कुटिया में ही रहते थे। आसाराम के भरतपुर जिले में दो आश्रम हैं जिनमें से एक आश्रम की शिकायत की जांच के आदेश दिए गए हैं। (एजेंसी)