मुंबई में आज नीतीश मनाएंगे बिहार दिवस

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्य के शताब्दी दिवस समारोह में हिस्सा लेने देर शाम मुम्बई पहुंच गए।

मुंबई : आज मुंबई में बिहार दिवस मनाया जाएगा जिसके हीरो होंगे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार।  बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्य के शताब्दी दिवस समारोह में हिस्सा लेने देर शाम मुम्बई पहुंच गए। इससे एक दिन पहले राज ठाकरे ने समारोह को बाधित करने की धमकी को वापस ले लिया था।

 

शहर के सोमैया मैदान में रविवार शाम बिहार के शताब्दी समारोह उत्सव में कुमार मुख्य अतिथि होंगे। समारोह से पहले नीतीश कुमार कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पटना से यहां हवाई अड्डे पर पहुंचे।

 

गौरतलब है कि मनसे ने कुमार की उस टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी जिसमें उन्होंने कहा था कि मुम्बई आने से उन्हें कोई नहीं रोक सकता है और शहर में आने के लिए उन्हें वीजा लेने की जरूरत नहीं है। बिहार के मुख्यमंत्री की राज ठाकरे से टेलीफोन पर बातचीत हुई थी जिसमें उन्हें स्पष्ट किया था कि यह सामाजिक सांस्कृतिक कार्यक्रम है और इसका कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है।

 

ठाकरे ने सांवाददाताओं से कहा था कि नीतीश में मुझे बताया कि यह बिहार के 100 वर्ष पूरा होने से जुड़ा कार्यक्रम है और वह इस पर कोई राजनीति नहीं करना चाहते हैं। इसके बाद मुझे कार्यक्रम पर कोई आपत्ति नहीं है।’ इस कार्यक्रम से जुड़े अधिकारियों ने कहा, ‘बिहार के मुख्यमंत्री के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किये जायेंगे।’ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने गृह और पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ इस विषय पर बैठक की और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

 

महाराष्ट्र गान और बिहारी गीत के बाद मुख्यमंत्री कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन करेंगे। इस समारोह में भोजपुरी कलाकार मनोज तिवारी, प्रसिद्ध गायक उदित नारायण सहित हिंदी और भोजपुरी सिनेमा के कई कलाकार शामिल होंगे। कार्यक्रम में 18 ऐसे बिहारियों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने मुम्बई में रहकर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

 

कार्यक्रम में सिख, जैन और बौद्घ समुदाय से जुड़े संगठनों और शिक्षक संस्थानों की ओर से मुख्यमंत्री को भी सम्मानित किया जाएगा। ठाकुर ने कहा कि मुम्बई स्थित सोमैया मैदान में 15 अप्रैल को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में शानदार पंडाल बनाया गया है, तथा 10 हजार से ज्यादा कुर्सियां लगाई गई हैं। (एजेंसी)