रामबन फायरिंग के बाद तनाव, हालात के मद्देनजर अमरनाथ यात्रा रोकी गई

जम्मू-कश्मीर के रामबन इलाके में छह लोगों की मौत के बाद बवाल शुरु हो गया है।

ज़ी मीडिया ब्यूरो
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के रामबन इलाके में छह लोगों की मौत के बाद बवाल शुरु हो गया है। आरोप है कि लोगों को गोली बीएसएफ के जवानों ने मारी है। जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट ने शुक्रवार को घाटी में बंद का बंद का ऐलान किया है। हालात तनावपूर्ण होता देख रामबन में कर्फ्यू लगा दिया गया है। राज्य में मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं पर भी रोक लगा दी गई है। बंद और हंगामे की आशंका के बीच अमरनाथ यात्रा के जत्थे को अभी रोक दिया गया है।
घटना के विरोध में कानून व्यवस्था की समस्या होने की आशंका के चलते अलगाववादी संगठनों की प्रदर्शन करने की योजना को नाकाम करने के मकसद से घाटी के प्रमुख कस्बों में कर्फ्यू लगा दिया गया है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि बीती रात पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में कर्फ्यू लगाने का फैसला किया गया। इस बैठक में कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की गई।
सूत्रों का कहना है कि श्रीनगर, बडगाम, गंदेरबल और बांदीपोरा जिलों तथा शोपियां, पुलवामा, कुलगाम, अनंतनाग, बिजबहेड़ा और सोपोर में कफ्र्यू लगाया गया है। घाटी के बाकी इलाकों में आपराधिक आचार संहिता की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है। इसके अनुसार किसी स्थान पर चार से अधिक व्यक्ति एकत्र नहीं हो सकते।
गौरतलब है कि रामबन गोलीकांड के बाद से घाटी के अलग-अलग इलाकों से विरोध प्रदर्शन की खबरें आ रही हैं। विरोध और हिंसा को देखते हुए 300 किलोमीटर के श्रीनगर-जम्मू हाईवे को बंद कर दिया गया है। रामबन, बनिहाल और रामसू में भी धरने प्रदर्शन जारी हैं। सुरक्षा बलों और सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद लोगों का गुस्सा शांत नहीं दिख रहा है।
गौर हो कि सीमा सुरक्षा बल के एक गश्ती दल की कथित ज्यादती के विरोध में रामबन जिला स्थित बीएसएफ शिविर पर गुरुवार को एक उग्र भीड़ ने पथराव किया जिसके बाद जवानों ने गोलीबारी की जिसमें छह व्यक्तियों की मौत हो गई जबकि सुरक्षाकर्मियों सहित 44 अन्य घायल हो गए। इसी मसले के बाद हुआ बवाल अब तक थम नहीं रहा है।