गुजारा भत्ता मामले में कोर्ट ने स्व. राजेश खन्ना के परिवार को पेश होने को कहा

मुंबई की एक मेट्रोपॉलिटन अदालत ने एक महिला की ओर से दायर शिकायत याचिका पर आज दिवंगत राजेश खन्ना के परिवार के सदस्यों को अपने समक्ष पेश होने को कहा। अनीता आडवाणी नाम की यह महिला खुद को दिवंगत खन्ना की लिव-इन पार्टनर बता कर उनकी संपत्ति से गुजारा भत्ता की मांग कर रही हैं।

मुंबई : मुंबई की एक मेट्रोपॉलिटन अदालत ने एक महिला की ओर से दायर शिकायत याचिका पर आज दिवंगत राजेश खन्ना के परिवार के सदस्यों को अपने समक्ष पेश होने को कहा। अनीता आडवाणी नाम की यह महिला खुद को दिवंगत खन्ना की लिव-इन पार्टनर बता कर उनकी संपत्ति से गुजारा भत्ता की मांग कर रही हैं।
मजिस्ट्रेट एस एस देशपांडे ने शिकायत पर सुनवाई के दौरान यह सुझाव दिया कि दोनों पक्ष आपस में बातचीत के जरिए मामले को सुलझाएं और अगर वे राजी हो जाते हैं तो उसी दिन मामला एक मध्यस्थ को सौंप दिया जाएगा। अदालत ने दिवंगत खन्ना की पत्नी डिंपल कपाडिया, बेटियों ट्विंकल एवं रिंकी और दामाद अक्षय कुमार से ‘‘अवश्यमेव ’’ चार दिसंबर को उसके समक्ष पेश होने और अगर मंजूर हो तो समझौता करने पर अपने विचार देने को कहा।
मजिस्ट्रेट ने यह भी कहा कि अगर दोनों पक्ष समझौते के लिए राजी नहीं होते हैं तो वह मामले की सुनवाई कर एक महीने में इसका निपटारा कर देंगे। अपनी याचिका में अनीता ने खन्ना परिवार पर उन्हें जबरन दिवंगत खन्ना के बांद्रा स्थित बंगले ‘आशीर्वाद’ से निकालने का आरोप लगाया है, जिसके कारण इस मामले में घरेलू हिंसा कानून के प्रावधानों के तहत शिकायत दर्ज हुई है।
उन्होंने दावा किया है कि वह दिवंगत खन्ना के साथ इस बंगले में वर्ष 2003 से रह रही थीं और जुलाई में उनके निधन के बाद परिवार के सदस्यों ने उन्हें बाहर निकाल दिया। अनीता ने यह दावा भी किया है कि निधन से पहले खन्ना ने कोई वसीयत नहीं लिखी और उनके परिवार के सदस्यों ने इस पर उस वक्त उनके अंगूठे के निशान लिए, जब वह गंभीर रूप से बीमार थे एवं कुछ समझने की हालत में नहीं थे। (एजेंसी)