'पान सिंह तोमर’ सर्वश्रेष्ठ फिल्म, इरफान खान THE BEST हीरो

तिग्मांशु धूलिया की ‘पान सिंह तोमर’ को 60 वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में आज सर्वश्रेष्ठ फिल्म घोषित किया गया जबकि इसी फिल्म में एथलीट से डकैत बने तोमर के किरदार को निभाने वाले अभिनेता इरफान खान ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का खिताब मराठी फिल्म ‘अनुमति’ के अभिनेता विक्रम गोखले के साथ साझा किया।

नई दिल्ली : तिग्मांशु धूलिया की ‘पान सिंह तोमर’ को 60 वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में आज सर्वश्रेष्ठ फिल्म घोषित किया गया जबकि इसी फिल्म में एथलीट से डकैत बने तोमर के किरदार को निभाने वाले अभिनेता इरफान खान ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का खिताब मराठी फिल्म ‘अनुमति’ के अभिनेता विक्रम गोखले के साथ साझा किया।
उषा जाधव को मराठी फिल्म ‘धाग’ में साधारण गृहिणी की भूमिका निभाने के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री घोषित किया गया जबकि इस फिल्म के निर्देशक शिवाजी लोटन पाटिल को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक घोषित किया गया।
इस साल पुरस्कारों की महत्वपूर्ण श्रेणियों में बालीवुड फिल्मों के साथ मलयालम और मराठी फिल्में छायी रहीं। चटगांव विद्रोह पर आधारित वेदव्रत पेन की पहली हिंदी फिल्म ‘चटगांव’ ने सर्वश्रेष्ठ प्रथम फिल्म के लिए सिद्धार्थ शिवा की मलयालम फिल्म ‘101 चोडियांगल’ के साथ इंदिरा गांधी पुरस्कार साझा किया।
निर्माता जॉन अब्राहम की शुक्राणु दान पर आधारित हिंदी फिल्म ‘विकी डोनर’ ने निर्देशक अनवर रशीद की मलयालम फिल्म ‘उस्ताद होटल’ के साथ सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय मनोरंजक फिल्म घोषित किया गया। ‘विकी डोनर’ के कलाकारों अन्नू कपूर और डॉली अहलूवालिया ने सर्वश्रेष्ठ सह अभिनेता और सह अभिनेत्री का खिताब अपने नाम किया। डाली ने सर्वश्रेष्ठ सह अभिनेत्री का खिताब मलयालम फिल्म ‘तानीचल्ला नजान’ के लिए अभिनेत्री कल्पना के साथ साझा किया। निर्देशक सुजॉय घोष को विद्या बालन अभिनीत फिल्म ‘कहानी’ के लिए सर्वश्रेष्ठ मूल पटकथा लेखक घोषित किया गया जबकि एक अन्य हिंदी फिल्म ‘ओह माई गॉड’ को सर्वश्रेष्ठ रूपांतरित पटकथा के लिये पुरस्कृत किया गया। भावेश मंडालिया और उमेश शुक्ला इसके पटकथा लेखक हैं।
नम्रता राव संपादित फिल्म ‘कहानी’ को साल की सर्वश्रेष्ठ संपादित फिल्म घोषित किया गया। ‘चटगांव’ फिल्म के ‘बोलो ना’ गीत के लिए प्रसून जोशी को सर्वश्रेष्ठ गीतकार जबकि शंकर महादेवन को सर्वश्रेष्ठ पाश्र्वगायक घोषित किया गया। मराठी फिल्म ‘संहिता’ के गीत ‘पलकें ना मुंदूं’ के लिए आरती अंकलेकर टिकेकर को सर्वश्रेष्ठ पाश्र्वगायिका घोषित किया गया।
‘उस्ताद होटल’ के लिए अंजलि मेनन ने सर्वश्रेष्ठ संवाद लेखक का खिताब अपने नाम किया। ‘तनीचल्ला नजान’ ने सर्वश्रेष्ठ सह अभिनेत्री के साथ राष्ट्रीय एकता श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का नरगिस दत्त पुरस्कार भी अपने नाम किया। मलयालम फिल्म ‘स्पिरिट’ को सामाजिक मुद्दों पर सर्वश्रेष्ठ फिल्म घोषित किया गया। यह फिल्म नशाखोरी पर आधारित है।
एक अन्य मलयालम फिल्म ‘ब्लैक फॉरेस्ट’ को पर्यावरण संरक्षण पर सर्वश्रेष्ठ फिल्म घोषित किया गया। हिंदी फिल्म ‘देख इंडियन सर्कस’ को सर्वश्रेष्ठ बाल फिल्म और इसमें मुख्य भूमिका निभाने वाले वीरेंद्र प्रताप ने सर्वश्रेष्ठ बाल अभिनेता का खिताब ‘101 चोडियांगल’ के साथ साझा किया। निखिल आडवाणी निर्देशित ‘डेल्ही सफारी’ को सर्वश्रेष्ठ एनिमेशन फिल्म घोषित किया गया।
कमल हासन की विवादास्पद फिल्म ‘विश्वरूपम’ ने सर्वश्रेष्ठ प्रोडक्शन डिजाइन का खिताब अपने नाम किया। इसी फिल्म के लिए पंडित बिरजू महाराज ने सर्वश्रेष्ठ नृत्य निर्देशक का पुरस्कार अपने नाम किया।
तमिल फिल्म ‘परदेसी’ के लिए पूर्णिमा रामास्वामी को सर्वश्रेष्ठ वेशभूषा डिजाइनर जबकि तमिल फिल्म ‘वजाक्कुएन 18 बटा 9’ के लिए राजा ने सर्वश्रेष्ठ मेकअप आर्टिस्ट का पुरस्कार जीता।
विशेष ज्यूरी पुरस्कार श्रेणी में बॉलीवुड का दबदबा रहा। इस श्रेणी में आमिर खान अभिनीत ‘तलाश’, ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’, ‘कहानी’ और ‘देख इंडियन सर्कस’ को बांग्ला फिल्म ‘चिद्रांगदा’ के साथ विजेता घोषित किया गया। सर्वश्रेष्ठ सिनेमैटोग्राफी का खिताब ‘को (वाईएडी) को दिया गया।
सर्वश्रेष्ठ ऑडियोग्राफी का पुरस्कार मलयालम फिल्म ‘अन्यम रसूलम’, ‘शब्दो’ और ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ ने साझा किया। मलयालम फिल्म ‘कलियांचन’ और मराठी फिल्म ‘संहिता’ ने सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक का पुरस्कार अपने नाम किया। तेलगू फिल्म ‘ईगा’ ने सर्वश्रेष्ठ विशेष प्रभाव का खिताब अपने नाम किया।
निर्देशक जाह्नू बरुआ की फिल्म ‘बांधो’ को सर्वश्रेष्ठ असमिया फिल्म, कौशिक गांगुली की ‘शब्दो’ को सर्वश्रेष्ठ बांग्ला फिल्म, ज्ञान अरोड़ा की ‘द गुड रोड’ को सर्वश्रेष्ठ गुजराती फिल्म, नितिन कक्कड़ की ‘फिल्मिस्तान’ को सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म, पी शेषाद्रि की ‘भारत स्टोर्स’ को सर्वश्रेष्ठ कन्नड़ फिल्म, कमल की ‘सेलुलॉयड’ को सर्वश्रेष्ठ मलयालम फिल्म जबकि ‘लेईपाकलेई’ को सर्वश्रेष्ठ मणिपुरी फिल्म घोषित किया गया। इसी श्रेणी में ‘इन्वेस्टमेंट’ को सर्वश्रेष्ठ मराठी फिल्म, ‘नबार’ को सर्वश्रेष्ठ पंजाबी फिल्म, ‘वजाक्कुएन 18 बटा 9’ को सर्वश्रेष्ठ तमिल फिल्म, ‘ईगा’ को सर्वश्रेष्ठ तेलगू फिल्म, ‘हारूद’ को सर्वश्रेष्ठ उर्दू फिल्म और ‘लेसन्स इन फॉरगेटिंग’ को सर्वश्रेष्ठ अंग्रेजी फिल्म और ‘को याद’ को ‘मिसिंग’ भाषा में सर्वश्रेष्ठ फिल्म घोषित किया गया।
मलयालम फिल्म ‘ओझिमुरी’ के लिए अभिनेता लाल, कन्नड़ फिल्म ‘भारत स्टोर्स’ के लिए एच जी दत्तात्रेय, हिंदी फिल्म ‘इशकजादे’ के लिए परिणीति चोपड़ा, असमिया फिल्म ‘बांधो’ के लिए बिष्णु खड़गोरिया, हिंदी फिल्म ‘देख इंडियन सर्कस’ के लिए तनिष्ठा चटर्जी, मराठी फिल्म ‘धाग’ के लिए हंसराज जगताप और मलयालम फिल्म ‘उस्ताद होटल’ के लिए दिवंगत अभिनेता तिलकन के नाम का विशेष तौर पर उल्लेख किया गया।
बी डी गर्ग की अंग्रेजी में लिखित फिल्म ‘साइलेंट सिनेमा इन इंडिया-ए पिक्टोरियल जर्नी’ को सिनेमा पर सर्वश्रेष्ठ पुस्तक घोषित किया गया जबकि मलयालम लेखक पी एस राधाकृष्णन और पीयूष रॉय के नाम का विशेष तौर पर उल्लेख किया गया। वरिष्ठ फिल्मकार बासु चटर्जी की अध्यक्षता वाले 11 सदस्यीय फीचर फिल्म ज्यूरी ने आज इन पुरस्कारों की घोषणा की। (एजेंसी)