ज्यादा खाने का याददाश्त पर असर

जरूरत से ज्यादा खाने की वजह से उच्च रक्तचाप, मधुमेह और आघात जैसी बीमारियां तो हो सकती हैं, साथ ही कमजोर याददाश्त, डिमेन्शिया और तो और अल्झाइमर जैसी समस्याएं बीमारियों की इस सूची को और बड़ी कर सकती हैं।

वाशिंगटन: जरूरत से ज्यादा खाने की वजह से उच्च रक्तचाप, मधुमेह और आघात जैसी बीमारियां तो हो सकती हैं, साथ ही कमजोर याददाश्त, डिमेन्शिया और तो और अल्झाइमर जैसी समस्याएं बीमारियों की इस सूची को और बड़ी कर सकती हैं।

 

मेयो क्लीनिक ने बढ़ती उम्र के साथ बढ़ती समस्याओं पर किए गए एक अध्ययन में कहा है कि इसके शुरूआती नतीजों से संकेत मिलता है कि जरूरत से ज्यादा खाने की वजह से अधिक उम्र के लोगों की याददाश्त कमजोर होने का खतरा अधिक होता है।

 

अध्ययन में अधिक उम्र के लोगों में, ली जाने वाली कैलोरी और आसन्न मामूली संज्ञानात्मक बाधा (माइल्ड कॉग्नीटिव इम्पेयरमेंट) के बीच संबंध पाया गया है। न एमसीआई वास्तव में उम्र के साथ साथ याददाश्त कमजोर होने की सामान्य समस्या और शुरूआती अल्झाइमर के बीच की स्थिति है।

 

मेयो क्लीनिक ने यह अध्ययन 2006 में 70 से 89 साल के 1,233 लोगों पर शुरू किया था जिन्हें पहले डिमेन्श्यिा नहीं था। (एजेंसी)