बुढ़ापे में स्वस्थ रखता है ग्रीन टी

शोधकर्ताओं का कहना है कि ग्रीन टी बुढ़ापे में भी इंसान को चुस्त और फुर्तीला बनाए रखती है।

लंदन: ग्रीन टी पीना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है, इसके कई फायदे हैं। अब एक नए अध्ययन में इसका एक और फायदा सामने आया है। टोक्यो विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं का कहना है कि ग्रीन टी बुढ़ापे में भी इंसान को चुस्त और फुर्तीला बनाए रखती है।

 

जापानी शोधकर्ताओं ने अपने इस अध्ययन में पाया कि चाय या कॉफी पीने वाले लोगों की तुलना में ग्रीन टी पीने वाले लोगों में बुढ़ापे के साथ शारीरिक अक्षमताएं विकसित होने की संभावनाएं 33 प्रतिशत कम होती हैं।

 

‘अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लीनिकल न्यूट्रीशन’ में प्रकाशित हुई इस रिपोर्ट के अनुसार दिन में तीन से चार कप ग्रीन टी पीने से शारीरिक अक्षमताओं का खतरा 25 प्रतिशत तक कम हो जाता है।

 

इस शोध के लिए शोधकर्ताओं ने तीन साल तक 65 साल से ज्यादा की उम्र के 14,000 पुरूषों और महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच की। शोधकर्ताओं ने उनके खाने पीने की आदतों पर ध्यान रखा। उनकी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों का भी आंकड़ा बनाया।

 

डेली मेल समाचारपत्र की खबर के अनुसार इस अध्ययन में पाया गया कि जिन्होंने ग्रीन टी अधिक मात्रा में पी थी वो ज्यादा चुस्त दुरूस्त और स्वास्थ्य के मामले में आत्मनिर्भर थे।

 

हालांकि यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि ग्रीन टी स्वास्थ्य को क्यों बेहतर करता है लेकिन शोधकर्ताओं के अनुसार इसमें पॉलीफैनॉल का उंचा स्तर होता है, यह कोलेस्टॉल कम करने वाले रसायन शरीर में डालता है और डीएनए को नुकसान से बचाता है। (एजेंसी)