सावधान! अपंग बना सकता है टूथपेस्ट

एक नमूने में तो 16 मिलीग्राम तंबाकू मिला जो कि 8 सिगरेट के बराबर है

नई दिल्ली. आधुनिक जीवन शैली में शुमार टूथपेस्ट का इस्तेमाल मानव शरीर पर बुरा प्रभाव डाल सकता है. दिल्ली इंस्टिट्यूट ऑफ फ़ार्मासूटिकल साइंस ऐंड रिसर्च के एक अध्ययन में बड़े ब्रांड के उत्पादों में भी तय मात्रा से करीब 300 गुना अधिक निकोटीन और फ्लोराइड पाया गया.

हम कई वर्षों से टूथपेस्‍ट का इस्‍तेमाल करते आ रहे हैं लेकिन इधर कुछ सालों में टूथपेस्‍ट के ब्रांड जिस तरह से टूथपेस्‍ट में केमिकल मिला रहे हैं यह स्‍वास्‍थ के लिए खतरा बनते जा रहा है.

 

अत्यधिक मात्रा में फ्लोराइड और निकोटीन, ये दोनों ही चीजें सेहत के लिए बेहद खतरनाक हैं. निकोटिन जहां आपको इसका आदी बना सकता है, वहीं अधिक मात्रा में फ्लोराइड से दांत और हड्डियां कमजोर हो सकती हैं. इतना ही नहीं , लंबे समय तक अधिक मात्रा में इसके इस्तेमाल से आप अपंग भी हो सकते हैं.

इस संसथान, डिपसार ने दिल्ली और एनसीआर में बिक रहे  टूथपेस्ट और जुड़े उत्पादों का तीन बार सर्वे किया. सबसे पहले 2008, इसके बाद 2009 और फिर 2011 में अध्ययन किया गया. इस दौरान कुछ कंपनियों ने अपने उत्पादों में सुधार किया, लेकिन कई में मात्रा बढ़ी हुई पाई गई.

 
लगभग सभी बड़े ब्रैंड के टूथपेस्ट में काफी ज्यादा फ्लोराइड हैं. एक नमूने में तो 16 मिलीग्राम तंबाकू मिला जो कि 8 सिगरेट के बराबर है. चौंकाने वाली बात यह है कि जिन कंपनियों ने अपने टूथपेस्ट में 2009 में तंबाकू का इस्तेमाल बंद कर दिया था , तो उन्होंने 2011 में दोबारा इस्तेमाल शुरू कर दिया.

 

अब आप जब भी टूथपेस्ट का उपयोग करें तो जरूरत से ज्यादा नहीं और सीमित अवधि के लिए सही मात्रा में हीं करें.