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महंगाई दर बढ़कर तीन माह के उच्चस्तर 5.7% पर

मुद्रास्फीति में गिरावट का सिलसिला टूट गया है। मार्च,2014 में आलू, प्याज, फलों और अन्य खाद्यों की महंगाई से मुद्रास्फीति बढ़कर 5.7 प्रतिशत पर पहुंच गयी जो तीन माह का उच्चतम स्तर है।

नई दिल्ली : मुद्रास्फीति में गिरावट का सिलसिला टूट गया है। मार्च,2014 में आलू, प्याज, फलों और अन्य खाद्यों की महंगाई से मुद्रास्फीति बढ़कर 5.7 प्रतिशत पर पहुंच गयी जो तीन माह का उच्चतम स्तर है। थोक मूल्य सूचकांक (डब्लयूपीआई) पर आधारित खाद्य मुद्रास्फीति मार्च में बढ़कर 9.9 प्रतिशत पर पहुंच गयी, जो इससे पिछले माह 8.12 प्रतिशत पर थी। थोक मुद्रास्फीति दिसंबर से गिरावट रही थी और फरवरी में घटकर नौ माह के न्यूनतम स्तर 4.68 प्रतिशत पर थी।
आज जारी जारी जनवरी,14 के कीमत के आंकड़ों में उस माह की मुद्रास्फीति बढ़ाकर 5.17 प्रतिशत कर दी गयी है। फरवरी में घोषित प्रारंभिक आंकड़ों में जनवरी की मुद्रास्फीति 5.05 प्रतिशत बतायी गयी थी। मार्च-2014 के दौरान आलूू की कीमतों में सालना आधार पर 27.83 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी। फरवरी में आलू की कीमतें पिछले साल से 8.36 प्रतिशत तेज थीं। मार्च में प्याज की कीमतें 1.92 प्रतिशत उंची रहीं जबकि फरवरी में इसके भाव गिरे थे।
मार्च-2014 के दौरान सब्जियां सालाना आधार पर 8.57 प्रतिशत तक महंगी रहीं जबकि फरवरी में इनकी महंगाई दर 4 प्रतिशत थी। इसी प्रकार मार्च में फलों की कीमतें 16.15 प्रतिश महंगी रहीं जबकि फरवरी में इस वर्ग में कीमत सालाना आधार पर 9.92 प्रतिशत थी। वित्त वर्ष 2013-14 में वाषिर्क आधार पर कुल मिला कर मुद्रास्फीति 5.70 प्रतिशत बढी जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष में यह औसत 5.65 प्रतिशत था। मार्च माह के दौरान हालांकि चीनी, दाल, अनाज, सीमेंट और खनिज के दामों में पिछले माह की तुलना में गिरावट आई।
फार्च में ईंधन खंड (एलपीजी, पेट्रोल, और डीजल) के दाम सालना आधार पर 11.22 प्रतिशत रहे जबकि फरवरी में इस वर्ग की मुद्रास्फीति 8.75 प्रतिशत थी। सरकार आज ही उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़े भी जारी करने वाली है। उल्लेखनीय है कि पिछले माह रिजर्व बैंक ने अपनी मौद्रिक समीक्षा में मुद्रास्फीति के दबाव के मद्देनजर अपनी मुख्य नीतिगत ब्याज दर अपरिवर्तित रखा था।