रसोई गैस, केरोसीन के दाम धीरे-धीरे बढ़ाना चाहती है सरकार

डीजल के बाद सरकार रसोई गैस (एलपीजी) व केरोसीन के दाम भी थोड़े-थोडे कर बढ़ाना चाहती है ताकि इनके मद की 80000 करोड़ रुपए की सब्सिडी को समाप्त किया जा सके। सरकार एलपीजी सिलेंडर के दाम पांच रुपए तथा केरोसीन के दाम 0.50-1.0 रुपए महीना बढ़ाना चाहती है।

रसोई गैस, केरोसीन के दाम धीरे-धीरे बढ़ाना चाहती है सरकार

नई दिल्ली : डीजल के बाद सरकार रसोई गैस (एलपीजी) व केरोसीन के दाम भी थोड़े-थोडे कर बढ़ाना चाहती है ताकि इनके मद की 80000 करोड़ रुपए की सब्सिडी को समाप्त किया जा सके। सरकार एलपीजी सिलेंडर के दाम पांच रुपए तथा केरोसीन के दाम 0.50-1.0 रुपए महीना बढ़ाना चाहती है।

जानकार सूत्रों ने बताया कि पेट्रोलियम मंत्रालय ने डीजल माडल पर ही एलपीजी व केरोसीन के दाम में मासिक बढोतरी का प्रस्ताव किया है।

एलपीजी पर सब्सिडी इस समय 432.71 रुपए प्रति सिलेंडर (14.2 किलो) है। पांच रुपए मासिक वृद्धि के हिसाब से इस सब्सिडी को समाप्त करने में सात साल लगेंगे।

सूत्रों के अनुसार मंत्रालय का मानना है कि अगर राजनीतिक नेतृत्व इच्छाशक्ति दिखाए तो मासिक वृद्धि दस रुपए प्रति सिलेंडर तक हो सकती है। केरोसीन पर सब्सिडी इस समय 32.87 रुपए प्रति लीटर है और एक रुपए मासिक वृद्धि से सब्सिडी को पूरी तरह समाप्त करने में ढाई साल लगेंगे।

गौरतलब है कि पूर्ववर्ती संप्रग सरकार ने जनवरी 2013 में फैसला किया कि डीजल के दाम 50 पैसे प्रति लीटर हर महीने बढाए जाएंगे। दो अवसरों को छोड़कर यह मासिक बढोतरी लगातार हुई और डीजल पर सब्सिडी घटकर सिर्फ 1.62 रुपए प्रति लीटर रह गई है। यह भी आने वाले दिनों में समाप्त हो जाएगी क्योंकि नई सरकार ने संप्रग सरकार के फैसले को जारी रखने का फैसला किया है।

ईंधन सब्सिडी सरकारी खजाने पर सबसे बड़ा बोझ है। मौजूदा वित्त वर्ष में डीजल, एलपीजी व केरोसीन की सब्सिडी 1,15,548 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है।