भारत 30 साल तक कर सकता है 8-9% आर्थिक वृद्धि: चिदंबरम

वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने आज कहा कि भारत अगले 10 से 30 वर्षों के दौरान निरंतर 8 से 9 प्रतिशत वृद्धि हासिल कर सकता है।

नई दिल्ली : वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने आज कहा कि भारत अगले 10 से 30 वर्षों के दौरान निरंतर 8 से 9 प्रतिशत वृद्धि हासिल कर सकता है। यहां श्रीराम कालेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) के छात्रों को संबोधित करते हुये उन्होंने कहा कि इस मामले में भारत कुछ लाभ की स्थिति में है, जैसे उसकी 68 प्रतिशत आबादी यानी 83 करोड़ लोगों की उम्र 35 साल से कम है। भारत के पास करीब करीब सभी खनिजों का भंडार है और बड़ा भूभाग और लंबी समुद्री सीमा है।
उन्होंने कहा ‘‘यदि हम मिलकर काम करें और इन संसाधनों का इस्तेमाल करें, मानव और खनिज पदार्थ, सोच समझकर और कुशलता से निवेश करें तो ऐसी कोई वजह नहीं कि भारत 10, 20, 30 साल तक 8 से 9 प्रतिशत की वृद्धि हासिल नहीं कर पाये। आपके समक्ष यह मौका है।’’ वित्त मंत्री ने कहा कि वर्ष 2004 से 2009 के बीच भारत की औसत वृद्धि दर 8.5 प्रतिशत रही है लेकिन इसके बाद वैश्विक और घरेलू कारणों से वृद्धि दर कुछ कम होकर 7.2 से 7.3 प्रतिशत रह गई।
चिदंबरम ने ऐसी उम्मीद भी जताई कि वर्ष 2030 तक :क्रय शक्ति समानता: के आधार पर भारत दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन जायेगा और 2050 तक चीन के साथ दुनिया की दो प्रमुख आर्थिक शक्तियों में शामिल होगा। उन्होंने कहा कि देश में वस्तुओं और सेवाओं को पैदा करने के लिये वृद्धि ही एकमात्र रास्ता है। ‘‘हमें आर्थिक वृद्धि के प्रति समर्पित रहना होगा और इसका अर्थ है कि वृद्धि के रास्ते में यदि कोई भी रकावट आती है तो उसका सशक्त विरोध होना चाहिये।’’
चिदंबरम ने कहा कि देश में केवल 42,800 लोग ही हैं जिन्होंने माना है कि उनकी सालाना आय एक करोड़ रुपये है। ‘‘मेरा मानना है कि हम केवल दक्षिण दिल्ली में ही 42,800 लोगों का पता लगा सकते हैं जिनकी आय एक करोड़ रुपये है। अब इसका क्या अर्थ लगाये जाये। इसका मतलब है कि हम देश के साथ छल कर रहे हैं, हम भारत के लोगों के साथ विश्वासघात कर रहे हैं, हम अपने कर का भुगतान नहीं करना चाहते हैं।’’ उन्होंने कहा, यदि हर व्यक्ति कर का भुगतान करता है तो सरकार के पास निवेश के लिये और धन आयेगा और इससे वृद्धि तेज होगी।
चिदंबरम ने आगे कहा कि समाज में बेईमानी का बोलबाला है और यही बेईमानी आगे चलकर भ्रष्टाचार का रूप ले लती है। ‘‘जब समाज बेईमानी में डूबा हो, तब उसमें भ्रष्टाचार भी होता है।’’ चिदंबरम ने कहा कि केन्द्र सरकार करीब 12 लाख करोड़ रपये कर वसूलती है जिसमें से वह 8.85 लाख करोड़ रुपये अपने पास रखती है और शेष कर राजस्व राज्यों के बीच वितरित कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि आयकर विभाग ने करीब 12 लाख लोगों को नोटिस जारी किये और 2,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त कर की वसूली की। (एजेंसी)