पेट्रोलियम विपणन कंपनियां 3,700 करोड़ का नुकसान खुद वहन करेंगी

आईओसी सहित सार्वजनिक क्षेत्र की तीन पेट्रोलियम विपणन कंपनियों को लागत से कम दाम पर डीजल, केरोसीन व रसोई गैस की बिक्री से होने वाले कुल नुकसान में से करीब 3700 करोड़ रुपये का बोझ खुद उठाना पड़ सकता है

नई दिल्ली : इंडियन ऑयल कारपोरेशन (आईओसी) सहित सार्वजनिक क्षेत्र की तीन पेट्रोलियम विपणन कंपनियों को लागत से कम दाम पर डीजल, केरोसीन व रसोई गैस की बिक्री से होने वाले कुल नुकसान में से करीब 3700 करोड़ रुपये का बोझ खुद उठाना पड़ सकता है, क्योंकि वित्त मंत्रालय इस वित्त वर्ष में उन्हें अतिरिक्त सब्सिडी देने का इच्छुक नहीं है।
कंपनियों द्वारा स्वयं वहन किया जाने वाले सब्सिडी बोझ का यह हिस्सा पिछले साल के मुकाबले चार गुणा अधिक होगा। आईओसी, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन तथा भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन को सरकार द्वारा तय दाम पर डीजल, एलपीजी तथा केरोसीन बेचने से वित्त वर्ष के दौरान आय में कुल मिलाकर 1,41,000 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है।
जानकार सूत्रों का कहना है कि इस नुकसान में वित्त मंत्रालय 72,800 करोड़ रुपये से अधिक राशि उपलब्ध कराने का इच्छुक नहीं है। इसके अलावा 64,500 करोड़ रुपये ओएनजीसी, ऑयल इंडिया जैसी उत्खनन कंपनियों से आएंगे। बाकी बोझ 3,700 करोड़ रुपये सार्वजनिक क्षेत्र की इन तीनों विपणन कंपनियों को खुद उठाना पड़ेगा।
यह राशि साल 2012-13 की तुलना में चार गुना अधिक होगी। तब आईओसी, बीपीसीएल तथा एचपीसीएल को इस मद में 900 करोड़ रुपये का घाटा उठाना पड़ा था।
सूत्रों ने बताया कि वित्त मंत्रालय ने इन खुदरा कंपनियों को 2013-14 के पहले नौ महीने में इस मद में 27,772 करोड़ रुपये की नकदी सब्सिडी दी है। इस वित्त वर्ष में 10,000 करोड़ रपये और उपलब्ध कराए जाएंगे जबकि 35,000 करोड़ रुपये अगले वित्त वर्ष (2014-15) में डाले लाएंगे।
ओएनजीसी तथा अन्य उत्खनन कंपनियां चौथी तिमाही में सब्सिडी मदद के रूप में 16,530 करोड़ रुपये देंगी। इन कंपनियों ने अप्रैल से दिसंबर अवधि में लगभग 47,972 करोड़ रुपये दिए हैं। सूत्रों ने बताया कि तेल विपणन कंपनियों को सरकार नियंत्रित कीमतों पर डीजल, केरोसीन तथा एलपीजी बेचने से इस समय हर दिन 399 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। (एजेंसी)