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RBI से नहीं मिली राहत, ब्याज दरों में बदलाव नहीं, EMI रहेगी यथावत

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को अपनी मौद्रिक नीति की समीक्षा में ब्याज दरों को लेकर कोई बदलाव नहीं किया। समझा जाता है कि महंगाई पर काबू पाने के लिए आरबीआई ने अपनी मौद्रिक नीति में परिवर्तन नहीं किया है।

ज़ी मीडिया ब्यूरो
नई दिल्ली : भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को अपनी मौद्रिक नीति की समीक्षा में ब्याज दरों को लेकर कोई बदलाव नहीं किया। समझा जाता है कि महंगाई पर काबू पाने के लिए आरबीआई ने अपनी मौद्रिक नीति में परिवर्तन नहीं किया है।
आरबीआई ने अपनी दूसरी दो-माही मौद्रिक समीक्षा में रेपो रेट और सीआरआर में कोई बदलाव नहीं किया है। रेपो रेट को आठ प्रतिशत और सीआआर को चार प्रतिशत पर बरकरार रखा है। बैंक ने हालांकि एसएलआर में 0.5 फीसदी की कटौती करते हुए इसे 22.5 प्रतिशत पर रखा है।
ज्ञात हो कि नए वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात के बाद राजन ने संवाददाताओं से कहा था कि वृद्धि और महंगाई के बीच संतुलन बनाए रखने को लेकर सरकार और आरबीआई का रुख समान है।
जेटली ने पिछले सप्ताह कहा था कि चुनौतियां बिल्कुल स्पष्ट हैं। हमें वृद्धि की रफ्तार बहाल करनी है, महंगाई रोकनी है और राजकोषीय समेकन पर जाहिर तौर पर ध्यान केंद्रित करना है। राजन सितंबर 2013 में पद संभालने के बाद से नीतिगत दरों में तीन बार वृद्धि कर चुके हैं, भले ही आर्थिक विकास दर लगभग एक दशक के अपने न्यूनतम स्तर पर रहा है।
देश की आर्थिक विकास दर लगातार दूसरे वर्ष 2013-14 में पांच प्रतिशत से नीचे 4.7 प्रतिशत पर रही है। राजन ने उपभोक्ता महंगाई दर को वित्त वर्ष के अंत तक आठ प्रतिशत और अगले वित्त वर्ष तक छह प्रतिशत पर लाने का लक्ष्य रखा है।
खुदरा महंगाई दर अप्रैल में 8.58 प्रतिशत रही, जो पूरे दो वर्षो के दौरान 10 प्रतिशत के आसपास या इससे ऊपर बनी रही। अप्रैल में खाद्य महंगाई दर 9.66 प्रतिशत रही। (एजेंसी इनपुट के साथ)