भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक समीक्षा की खास बातें

आरबीआई के गवर्नर रघुराम राजन ने उच्च मुद्रास्फीतिक दबाव के बावजूद नीतिगत दरों को अपरिवर्तित रखकर बाजार को आज चकित किया। भारतीय रिजर्व बैंक की मध्य तिमाही मौद्रिक समीक्षा की कुछ मुख्य बातें हैं--

मुंबई : आरबीआई के गवर्नर रघुराम राजन ने उच्च मुद्रास्फीतिक दबाव के बावजूद नीतिगत दरों को अपरिवर्तित रखकर बाजार को आज चकित किया। भारतीय रिजर्व बैंक की मध्य तिमाही मौद्रिक समीक्षा की कुछ मुख्य बातें इस प्रकार हैं-
(1) रिजर्व बैंक ने मुख्य नीतिगत दरें, नकद आरक्षी अनुपात अपरिवर्तित रखा।
(2) रपो दर 7.75 प्रतिशत और आरक्षित नकदी अनुपात (सीआरआर) 4 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा।
(3) आरबीआई कोई नयी नीतिगत पहल करने से पहले कुछ और आंकड़ों के आने का इंतजार करेगा।
(4) हमारे आंकलन के मुताबिक सब्जियों की थोक और खुदरा कीमत में उल्लेखनीय गिरावट हुई है।
(5) मौजूदा मुद्रास्फीति बहुत ऊंचे स्तर पर है लेकिन आरबीआई और आंकड़े के आने का इंतजार करेगा।
(6) खाद्य मुद्रास्फीति में यदि उम्मीद के मुताबिक कमी नहीं आती तो आरबीआई कभी भी पहल कर सकता है।
(7) रिजर्व बैंक अर्थव्यवस्था में कमजोरी के हालात के बीच ऐसी मौद्रिक नीति रखना चाहता हैं जिससे मुख्य तौर पर मुद्रास्फीति को साधा जा सके।
(8) रिजर्व बैंक का मानना है कि आर्थिक वृद्धि दर अभी भी संभावना से कम है।
(9) कृषि उत्पादन व निर्यात बढने की उम्मीद तथा लंबित परियोजनाएं शुरू होने की उम्मीद से चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में आर्थिक वृद्धि बेहतर होने की संभावना।
(10) आरबीआई मुद्रास्फीति में अस्थाई उछाल पर कार्रवाई नहीं करेगा।