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मौद्रिक समीक्षा में ब्याज दरों को यथावत रखेगा आरबीआई

रिजर्व बैंक मंगलवार को सालाना मौद्रिक नीति की समीक्षा में नीतिगत दरों को अपरिवर्तित रख सकता है। विशेषरूप से यह देखते हुए कि खाद्य वस्तुओं की महंगाई में अभी कमी नहीं दिख रही है।

मुंबई : रिजर्व बैंक मंगलवार को सालाना मौद्रिक नीति की समीक्षा में नीतिगत दरों को अपरिवर्तित रख सकता है। विशेषरूप से यह देखते हुए कि खाद्य वस्तुओं की महंगाई में अभी कमी नहीं दिख रही है।
एचएसबीसी की कंट्री प्रमुख नैना लाल किदवई ने कहा कि मौजूदा परिदृश्य में रिजर्व बैंक के लिए यह एक मुश्किल फैसला होगा। मुझे लगता है कि रिजर्व बैंक यथास्थिति बनाए रखेगा। केंद्रीय बैंक भी पूर्व में यह संकेत दे चुका है कि उसकी प्राथमिकता मुद्रास्फीति को नीचे लाने की है। हालांकि, उद्योग जगत रिजर्व बैंक से ब्याज दरों में कटौती की मांग कर रहा है। जनवरी में रिजर्व बैंक ने मौद्रित नीति की तीसरी तिमाही समीक्षा में रेपो दर चौथाई फीसद बढ़ाकर 8 प्रतिशत कर दी थी।
फेडरल बैंक के प्रबंध निदेशक श्याम श्रीनिवासन ने कहा कि मेरे विचार में इस बार रिजर्व बैंक चीजों में बदलाव नहीं करेगा। वहीं पंजाब नेशनल बैंक के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक के आर कामत ने कहा कि रिजर्व बैंक का रख मुद्रास्फीति के परिदृश्य पर निर्भर करेगा। फरवरी में थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति 4.68 प्रतिशत रही है। वहीं माह के दौरान खुदरा मुद्रास्फीति 25 माह के निचले स्तर 8.1 प्रतिशत पर आ गई है। पिछले साल सितंबर में रिजर्व बैंक के गवर्नर का पद संभालने वाले रघुराम राजन ने पहली नीति घोषणा में ही ब्याज दरों में बढ़ोतरी की थी। जनवरी में उन्होंने तीसरी बार नीतिगत दरों में बढ़ोतरी की। मुद्रास्फीति का यह आंकड़ा रिजर्व बैंक के लक्ष्य के अनुरूप है कि जिसने जनवरी 2015 तक आठ प्रतिशत की मुद्रास्फीति का लक्ष्य रखा है लेकिन बेमौसम बरसात और मुख्य मुद्रास्फीति हालात को मुश्किल बना सकती है। हालांकि रिजर्व बैंक ने औपचारिक तौर पर मुद्रास्फीति लक्ष्य नहीं अपनाया है। (एजेंसी)

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