सहारा ने सेबी के खिलाफ सैट में नई अर्जी लगाई

सहारा समूह ने बाजार नियामक सेबी के खिलाफ एक नई याचिका मंगलवार को प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) में पेश की। इसमें उसने सेबी द्वारा सहारा इंडिया रीयल इस्टेट कारपोरेशन लिमिटेड (एसआईआरईसीएल) के खिलाफ शुरू की गई जुर्माने की प्रक्रिया को चुनौती दी है।

मुंबई : सहारा समूह ने बाजार नियामक सेबी के खिलाफ एक नई याचिका मंगलवार को प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) में पेश की। इसमें उसने सेबी द्वारा सहारा इंडिया रीयल इस्टेट कारपोरेशन लिमिटेड (एसआईआरईसीएल) के खिलाफ शुरू की गई जुर्माने की प्रक्रिया को चुनौती दी है।
यह मामला आज की तारीख में ‘विचारार्थ’ हेतु सूचीबद्ध था और न्यायाधिकरण ने इस पर सुनवाई सोमवार तक स्थगित कर दी। सेबी ने अपने आदेशों का अनुपालन नहीं करने पर सहारा को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। कंपनी ने सेबी की जुर्माना लगाने की न्याय निर्णय प्रक्रिया को चुनौती दी थी।
बाद में सहारा ने ही सोमवार तक सुनवाई स्थगित किए जाने का आग्रह किया ताकि वह इस बारे में उच्चतम न्यायालय से स्पष्टीकरण हासिल कर सके। इस मामले में निवेशकों को रिफंड संबंधी आदेशों का अनुपालन नहीं करने पर उसके खिलाफ अवमानना की प्रक्रिया पहले ही लंबित है।
उच्चतम न्यायालय ने 17 जुलाई 2013 को पारित एक आदेश में कहा था, ‘कोई भी उच्च न्यायालय, प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण और कोई अन्य मंच सेबी द्वारा पारित आदेशों के खिलाफ कोई आदेश पारित नहीं करेगा।’
सेबी ने यह आदेश उच्चतम न्यायालय के 31 अगस्त के आदेश के कार्यान्वयन में जारी किया था। उच्चतम न्यायालय ने पिछले साल 31 अगस्त को एसआईआरईसीएल तथा समूह की अन्य कंपनी सहारा इंडिया हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (एसएचआईसीएल) को निर्देश दिया था कि वह 24000 करोड़ रुपये का रिफंड नवंबर 2012 तक करे। यह समयसीमा बाद में बढ़ा दी गई और इन कंपनियों से 5120 करोड़ रुपये तत्काल, 10000 करोड़ रुपये जनवरी के पहले सप्ताह तथा बाकी राशि फरवरी के पहले सप्ताह में दाखिल कराने को कहा गया।
समूह ने पांच दिसंबर को 5120 करोड़ रुपये का ड्राफ्ट सेबी को सौंप दिया लेकिन दावा किया कि उसने निवेशकों को 20,000 करोड़ रुपये से अधिक रिफंड सीधे पहले ही कर चुका है। उच्चतम न्यायालय में मामले की अगली सुनवाई 9 जनवरी 2014 को होनी है। (एजेंसी)