close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

सुब्रत रॉय दिल्ली की गर्मी से परेशान, जल्द फैसले की लगाई गुहार

दिल्ली की जेल में गर्मी से परेशान सहारा समूह के मुखिया सुब्रत रॉय ने आज सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया कि उन्हें हिरासत में रखने के खिलाफ उनकी याचिका पर जल्द फैसला सुनाया जाए। उनका कहना है कि राजधानी में तापमान बढ़ रहा है और वह जेल में स्वस्थ महसूस नहीं कर रहे हैं।

नई दिल्ली : दिल्ली की जेल में गर्मी से परेशान सहारा समूह के मुखिया सुब्रत रॉय ने आज सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया कि उन्हें हिरासत में रखने के खिलाफ उनकी याचिका पर जल्द फैसला सुनाया जाए। उनका कहना है कि राजधानी में तापमान बढ़ रहा है और वह जेल में स्वस्थ महसूस नहीं कर रहे हैं।
न्यायमूर्ति के एस राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति जे एस खेहड़ की खंडपीठ के समक्ष सहारा समूह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन ने कहा, तापमान बढ़ गया है और यह महाशय स्वस्थ नहीं हैं। राय और सहारा समूह के दो निदेशक सेबी के पास निवेशकों का बीस हजार करोड़ रूपया जमा कराने के शीर्ष अदालत के आदेश का पालन नहीं करने के कारण चार मार्च से न्यायिक हिरासत में हैं।
धवन ने सुब्रत रॉय पर स्याही फेंकने वाले व्यक्ति के खिलाफ अवमानना के मामले में न्यायालय में कार्यवाही के अंत में यह अनुरोध किया। यह घटना चार मार्च को उस समय हुई थी जब राय को शीर्ष अदालत में पेश करने के लिये लाया गया था। न्यायालय ने कथित अवमाननाकर्ता मनोज शर्मा को इस मामले में जवाब दाखिल करने के लये चार सप्ताह का समय दिया है। इस मामले का न्यायालय ने स्वत: ही संज्ञान लिया था।
शीर्ष अदालत ने 21 अप्रैल को रॉय को जेल भेजने के निर्णय को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई पूरी की थी। यह मामला निवेशकों की बीस हजार करोड़ रूपए से अधिक की राशि नहीं लौटाने से संबंधित है। न्यायालय सहारा के इस प्रस्ताव पर विचार के लिये भी सहमत हो गया था कि राय और दो निदेशकों की जमानत पर रिहाई के लिये दस हजार करोड़ रूपए का भुगतान किया जायेगा। ये तीनों चार मार्च से न्यायिक हिरासत में हैं।
सहारा समूह ने अपने नये प्रस्ताव में न्यायालय को भरोसा दिलाया था कि तीन हजार करोड़ रूपए का भुगतान तीन से चार कार्यदिवसों में कर दिया जायेगा और देश दो हजार करोड़ रूपए का नकद भुगतान 30 मई तक किया जायेगा। समूह ने यह भी कहा था कि 20 जून तक वह पांच हजार करोड़ रूपए की बैंक गारंटी भी देगा। शीर्ष अदालत ने शर्त रखी थी कि रॉय को जमानत पर रिहा कर दिया जायेगा यदि वह दस हजार करोड़ रूपए का भुगतान करें और इसमें से पांच हजार करोड़ रूपए की बैंक गारंटी और शेष रकम नकद होनी चाहिए।

(एजेंसी)