फूड सेफ्टी कानून पर व्यापारी भ्रमित, हर्षवर्धन को ज्ञापन सौंपा

फूड सेफ्टी कानून को लेकर व्यापारी संशय में हैं। व्यापारियों के प्रमुख संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को ज्ञापन देकर फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट में पंजीकरण कराने की अंतिम तारीख 4 अगस्त को आगे बढ़ाने की मांग की है। यह तारीख पूर्ववर्ती संप्रग सरकार ने तय की थी।

नई दिल्ली : फूड सेफ्टी कानून को लेकर व्यापारी संशय में हैं। व्यापारियों के प्रमुख संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को ज्ञापन देकर फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट में पंजीकरण कराने की अंतिम तारीख 4 अगस्त को आगे बढ़ाने की मांग की है। यह तारीख पूर्ववर्ती संप्रग सरकार ने तय की थी।

इसके अलावा कैट ने इस कानून एवं इसके नियमों में संशोधन के लिए एक उच्चस्तरीय समिति के गठन की भी मांग की है जिसमें सरकारी अधिकारियों के अलावा व्यापारियों के प्रतिनिधियों व खाद्य विशेषज्ञों को शामिल किया जाए।

उल्लेखनीय है कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार में तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने व्यापारियों की मांग के बाद इस कानून के तहत पंजीकरण की तारीख 4 फरवरी से बढ़ाकर 4 अगस्त की थी।

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी. भरतिया व राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कानून का विरोध करते हुए कहा कि इस कानून को बनाते समय देश के खाद्य बाजार व खाद्य प्रवृत्ति की अनदेखी की गई। यह कानून बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा निर्मित पैक्ड फूड संस्कृति को बढ़ावा देने और भारतीय खाद्य बाजार उनके हाथों में सौंपने के लिए लाया गया है।

खंडेलवाल ने कहा कि कानून बनाते समय व्यापारियों या अन्य वर्गों से कोई बातचीत नहीं की गई।