मैरी कोम की चाहत- प्रियंका चोपड़ा बनें बॉक्सिंग एकेडमी की ब्रांड एम्‍बेसडर

अपनी इंफाल आधारित बॉक्सिंग एकाडमी को देशभर में फैलाने के लिए ओलंपियाई बॉक्सर मैरी कोम चाहती हैं कि बॉलीवुड अदाकारा प्रियंका चोपड़ा इसकी ब्रांड एम्‍बेसडर बनें जिन्होंने उनके जीवन पर बनी फिल्म ‘मैरी कोम’ में अभिनय किया है।

मैरी कोम की चाहत- प्रियंका चोपड़ा बनें बॉक्सिंग एकेडमी की ब्रांड एम्‍बेसडर

कोलकाता : अपनी इंफाल आधारित बॉक्सिंग एकाडमी को देशभर में फैलाने के लिए ओलंपियाई बॉक्सर मैरी कोम चाहती हैं कि बॉलीवुड अदाकारा प्रियंका चोपड़ा इसकी ब्रांड एम्‍बेसडर बनें जिन्होंने उनके जीवन पर बनी फिल्म ‘मैरी कोम’ में अभिनय किया है।

मैरी कोम ने कहा कि मैं उनसे जल्द संपर्क करूंगी और उनसे अपनी एकाडमी की ब्रांड एंबैसडर बनने को कहूंगी। उन्होंने कहा कि पिछले हफ्ते रिलीज हुई फिल्म ने बॉक्सिंग को प्रसिद्धि दिलाने का काम किया है और अब वह भारत के अन्य शहरों में भी अपनी बॉक्सिंग एकाडमी की शाखाएं खोलना चाहती हैं।

इंफाल पश्चिमी जिले में 2006 में लांगोल गेम्स विलेज में स्थापित मैरी कोम बॉक्सिंग एकाडमी में फिलहाल 33 बाक्सिंग छात्र हैं जो एकाडमी के आवासीय परिसर में ही रहते हैं। वहां उन्हें मैरी कोम के निर्देशन में प्रशिक्षित किया जाता है। वर्ष 2012 के ओलंपिक सहित सभी छह विश्व चैंपियनशिप्स में पदक जीतने वाली एकमात्र महिला बॉक्सर मैरी कोम ने कहा कि यदि प्रियंका एकाडमी की सहायता करती हैं तो यह बॉक्सिंग के लिए अच्छा होगा क्योंकि मुझे विभिन्न तबकों से समर्थन की आवश्यकता है। इससे हमें युवा प्रतिभाओं को खेल में लाने में मदद मिलेगी।

मैरी कोम से पूछा गया कि कि क्या फिल्म निर्माताओं को प्रियंका चोपड़ा की बजाय पूर्वोत्तर से किसी कलाकार को फिल्म में लेना चाहिए था क्योंकि प्रियंका किसी मणिपुरी की तरह नहीं दिखतीं। इस पर उन्होंने निर्माताओं का समर्थन किया जिन्होंने कहा था कि बॉलीवुड की किसी अदाकारा को लिए जाने से फिल्म हिट होगी। मैरी कोम ने कहा कि मेरी भूमिका निभाने के लिए किसी को पूर्वोत्तर से लिया जा सकता था, लेकिन तब हो सकता था कि फिल्म हिट न होती । प्रियंका चोपड़ा को हर कोई जानता है क्योंकि वह सुपर स्टार हैं और इसीलिए फिल्म पर इतना अधिक ध्यान जा रहा है। यदि वह (प्रियंका) नहीं होतीं तो हो सकता है कि फिल्म हिट नहीं होती।

पद्म भूषण, पद्म श्री और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित बॉक्सर ने कहा कि भारत में उन्हें तब तक कोई नहीं जानता था जब तक कि उन्होंने ओलंपिक में पदक नहीं जीता था।