`38 विधेयक और सिर्फ 12 दिन का संसद सत्र मूखर्तापूर्ण`

गुरुवार से शुरू हो रहे 12 दिवसीय संसद के शीतकालीन सत्र को बहुत कम बताते हुए विपक्ष ने इसे बढ़ाए जाने की मांग की, लेकिन सरकार ने इस बारे में कोई आश्वासन नहीं दिया। विपक्ष ने इसे ‘मूखर्तापूर्ण’ बताया कि 38 विधेयकों की सूची के साथ सरकार केवल 12 दिन का सत्र लेकर आई है।

नई दिल्ली : गुरुवार से शुरू हो रहे 12 दिवसीय संसद के शीतकालीन सत्र को बहुत कम बताते हुए विपक्ष ने इसे बढ़ाए जाने की मांग की, लेकिन सरकार ने इस बारे में कोई आश्वासन नहीं दिया। विपक्ष ने इसे ‘मूखर्तापूर्ण’ बताया कि 38 विधेयकों की सूची के साथ सरकार केवल 12 दिन का सत्र लेकर आई है।
संसद सत्र शुरू होने से पहले लोकसभा अध्यक्ष की ओर से बुलाई जाने वाली पारंपरिक सर्वदलीय बैठक के बाद विपक्ष की नेता सुषम स्वराज ने कहा कि पार्टियों के बीच एकराय है कि 5 से शुरू हो कर 20 दिसंबर को संपन्न हो रहे संसद सत्र की अवधि बढ़ाई जाए। क्रिसमस के लिए एक सप्ताह का अवकाश देकर जनवरी में एक सप्ताह के लिए यह अवधि बढ़ायी जानी चाहिए।
संसदीय कार्य मंत्री कमल नाथ ने हालांकि इस बारे में कोई आश्वासन नहीं देते हुए कहा कि राज्यसभा के नेताओं से विचार विमर्श करने के बाद ही इस बारे में निर्णय किया जाएगा। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के गुरुदास दासगुप्त ने भी सत्र को विस्तारित करने की पुरजोर मांग करते हुए कहा कि यह मूखर्तापूर्ण है कि 38 विधेयक की सूची के साथ सरकार सिर्फ 12 दिन का संसद सत्र लेकर आई है जबकि उसमें भी तीन शुक्रवार को गैर-सरकारी काम काज होना है।
बैठक के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि उनकी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि संसद का शीतकालीन सत्र सुचारू रूप से चले जबकि विपक्ष ने पहले ही दिन कार्यस्थगन प्रस्ताव लाने का खुलासा करके इसके हंगामी होने का आभास दिया। (एजेंसी)