मोदी सरकार के बनने में बाबा रामदेव की भी भूमिका: शाह

भाजपा ने केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार बनने में लोकसभा चुनाव से पहले योगगुरू बाबा रामदेव द्वारा शुरू किये गये देशव्यापी अभियान की भूमिका को स्वीकार करते हुए योग और आयुर्वेद को अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय बनाने तथा भारतीय भाषाओं और संस्कृति को बचाने के उनके प्रयासों को हरसंभव मदद देने का वायदा किया।

हरिद्वार : भाजपा ने केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार बनने में लोकसभा चुनाव से पहले योगगुरू बाबा रामदेव द्वारा शुरू किये गये देशव्यापी अभियान की भूमिका को स्वीकार करते हुए योग और आयुर्वेद को अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय बनाने तथा भारतीय भाषाओं और संस्कृति को बचाने के उनके प्रयासों को हरसंभव मदद देने का वायदा किया।

यहां पतंजलि योगपीठ में रविवार को नवनिर्मित इमारत सेवा सदन का उद्घाटन करते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने प्राचीन भारतीय योग कला को अन्तरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिये चलाये गये सतत अभियान के लिये बाबा रामदेव की प्रशंसा की।

शाह ने बाबा रामदेव के करीबी सहयोगी आचार्य बालकृष्ण की भी पूरी दुनिया में आयुर्वेद के प्रति रुचि पैदा करने के लिये सराहना की और कहा कि आयुर्वेद से सभी प्रकार के रोगों का इलाज संभव है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘आयुर्वेद और योग को पुनर्जीवित करने का भारत स्वाभिमान ट्रस्ट का संकल्प रोगमुक्त दुनिया के उनके स्वप्न का ही हिस्सा है और केंद्र की भाजपा सरकार उन्हें उनके इस प्रयास में हर प्रकार की मदद देगी।'

शाह ने कहा कि बाबा रामदेव के भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष का पूरा देश साक्षी रहा है जिसके कारण उस समय सत्ता में बैठे लोगों ने उनके खिलाफ मुकदमे तक दर्ज कर दिये। हालांकि, उन्होंने कहा कि वैसे इस देश में अच्छाई और बुराई के बीच संघर्ष कोई नई बात नहीं है और जब भी बुराई अपने चरम पर पहुंच जाती है। उसे खत्म करने के लिये भगवान को अवतार लेना पड़ता है।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘बाबा (रामदेव) देश में भ्रष्टाचार और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिये पैदा हुए खतरों के खिलाफ संघर्ष के लिये उठ खड़े हुए।’ उन्होंने बुराइयों के खिलाफ देश में सतत अभियान चलाने के लिये योग गुरू का आभार प्रकट किया और स्वीकार किया कि इसने केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार के बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी।

उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया को रोगमुक्त बनाने की क्षमता रखने वाले आयुर्वेद और योग को पुनर्जीवित करने तथा भारतीय भाषाओं और संस्कृति को बचाने के लिये उनके द्वारा भविष्य में किये जाने वाले सभी प्रयासों को केंद्र की सरकार से पूरा समर्थन मिलेगा।