ब्यास हादसा: हाईकोर्ट ने दिए नई रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश

ब्यास हादसे पर राज्य सरकार द्वारा दाखिल की गई स्थिति रिपोर्ट पर गहरा असंतोष जताते हुए हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने उसे 19 जून तक एक नयी रिपोर्ट दाखिल करने का आज निर्देश दिया।

शिमला : ब्यास हादसे पर राज्य सरकार द्वारा दाखिल की गई स्थिति रिपोर्ट पर गहरा असंतोष जताते हुए हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने उसे 19 जून तक एक नयी रिपोर्ट दाखिल करने का आज निर्देश दिया।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर एवं न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने मंडी डिवीजनल कमिश्नर द्वारा धीमी गति से जांच किए जाने पर भी नाराजगी जताई तथा उन्हें सुनवाई की अगली तारीख 19 जून से पहले प्रक्रिया पूरी करने को कहा।

उच्च न्यायालय ने हैदराबाद स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज से आए 24 छात्रों और एक सह टूर ऑपरेटर के कुल्लू जिले में नदी में बह जाने के बारे में आई खबरों पर स्वत: संज्ञान लिया था। दरअसल, 8 जून को एक बिजली परियोजना के जलाशय से अचानक पानी छोड़े जाने के चलते नदी का जल स्तर बढ़ गया था।

आज दाखिल की गई स्थिति रिपोर्ट में राज्य सरकार ने कहा है कि ऐसा प्रतीत होता है कि इस घटना की वजह लारजी बैराज से अचानक ज्यादा पानी छोड़ा जाना है। सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक बैराज में जलस्तर 969.50 मीटर पर था। 8 जून को शाम सवा छह बजे बैराज के कर्मचारी ने रेडियल फाटक संख्या 5 को 50 सेंटीमीटर तक खोला, जिससे 50 क्यूबिक मीटर प्रति सेकेंड (क्यूमेक्स) की दर से पानी निकला और इसके बाद फाटक डेढ़ मीटर खोला गया और फिर ढाई मीटर खोला गया जिससे पानी का प्रवाह बढ़ कर 150 क्यूमेक्स तथा इससे अधिक हो गया। इससे पानी के प्रवाह में काफी बढ़ोतरी हो गई। (एजेंसी)

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