मोदी के शपथग्रहण के बाद जश्न, लगा बधाइयों का तांता

भारत के 15वें प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी के शपथ-ग्रहण के साथ ही देश के अलग-अलग स्थानों पर भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया। दूसरी ओर, नई सरकार के लिए बधाइयों का तांता भी लग गया।

नई दिल्ली : भारत के 15वें प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी के शपथ-ग्रहण के साथ ही देश के अलग-अलग स्थानों पर भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया। दूसरी ओर, नई सरकार के लिए बधाइयों का तांता भी लग गया।
भाजपा की दिल्ली इकाई के कार्यकर्ताओं ने इस मौके पर सड़कों को रोशनी से जगमग कर दिया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित शपथ-ग्रहण समारोह के सीधे प्रसारण के लिए बड़ी-बड़ी स्क्रीनें लगाई गई थीं। कई शहरों में उत्साही समर्थकों ने रैलियां निकाली और मानव श्रृंखलाएं बनाईं। लोकसभा चुनावों में जीत के बाद से ही इस जश्न की तैयारी चल रही थी। विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और अन्य नेताओं ने नई सरकार को बधाई दी।
मोदी के शपथ-ग्रहण समारोह में शामिल हुए जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया, मैं उम्मीद करता हूं कि जब भी वक्त आएगा, वे अपने उत्तराधिकारियों को एक बेहतर भारत सौंपेंगे। हम कम से कम यह तो उम्मीद कर ही सकते हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, दोनों कांग्रेस के नेता हैं, ने कहा कि उनकी सरकारें अपने राज्यों और देश के हित में केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करेंगी। रावत और वीरभद्र ने शपथ-ग्रहण समारोह में हिस्सा नहीं लिया था।
राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने मोदी को बधाई दी और उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में भारत एक ताकतवर देश और महाशक्ति के रूप में उभरेगा।
भाजपा नेता ने कहा, समृद्ध भारत, सुरक्षा और आत्मसम्मान का लोगों का सपना मोदी सरकार में पूरा होगा। क्षेत्रीय नेताओं ने भी शुभकामनाएं देते हुए केंद्र की नई सरकार से उम्मीद जतायी कि वह उनकी लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करेगी।
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, मैंने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली नई सरकार को शुभकामनाएं दी हैं। आज शाम को प्रभार संभालने वाली नई सरकार को मैं एक बार फिर बधाई देता हूं। कुमार ने कहा कि नई केंद्र सरकार से उन्हें बहुत अपेक्षाएं हैं और बिहार को विशेष राज्य का दर्जा और विशेष पैकेज मिलना चाहिए।
कुमार और मोदी ने पिछले साल से ही एक-दूसरे पर राजनीतिक हमला बोलने का कोई मौका नहीं गंवाया है। भाजपा में मोदी की तरक्की के बाद कुमार ने पिछले साल जून में राजग से अपनी पार्टी जदयू को अलग कर लिया था। जदयू राजग में 17 साल तक रहा था। यूपीए-दो सरकार से कोई राहत न पाने के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी भाजपा की नई सरकार से उम्मीदें लगा ली हैं।
मोदी की आलोचना करती रहीं ममता ने कहा, वे (केंद्र) सारे पैसे लेते रहे हैं। नई सरकार आ रही है..देखते हैं क्या होता है। ममता मोदी के शपथ-ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हुईं।
वीरभद्र सिंह ने कहा कि मोदी हिमाचल प्रदेश के लोगों की समस्याओं से बखूबी वाकिफ हैं और हम उम्मीद करते हैं कि नई सरकार राज्य को विशेष केंद्रीय सहायता मुहैया कराएगी।
मोदी के शपथ-ग्रहण के मौके पर दिल्ली में जश्न मना रही भाजपा कार्यकर्ता कविता शर्मा ने कहा, हर कोई झूम रहा है। लोग यहां झूम रहे हैं और उनमें उर्जा चरम पर हैं।
गुड़गांव, रोहतक और नोएडा जैसे पड़ोसी शहरों से भी कुछ कार्यकर्ता भाजपा के दिल्ली कार्यालय आए और उन्होंने एलईडी स्क्रीन पर मोदी के शपथ-ग्रहण का सीधा प्रसारण देखा। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद एवं अन्य जिलों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्कूली बच्चों के बीच मिठाइयां बांटी।
मोदी के गृह राज्य गुजरात में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कई कार्यक्रम आयोजित किए । नारनपुरा विधानसभा क्षेत्र के तहत नारनपुरा और व्यास वाडी इलाके में शाम 6:30 बजे जमकर आतिशबाजी की गई। मोदी के करीबी अमित शाह नारनपुरा सीट से विधायक हैं। भाजपा युवा मोर्चा ने गुजरात भर में रैलियां आयोजित की और मिठाइयां बांटी।
ओड़िशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी नरेंद्र मोदी को बधाई दी। नए प्रधानमंत्री को लिखे गए पत्र में नवीन ने कहा कि वह मोदी को इस उम्मीद के साथ बधाई दे रहे हैं कि उनके नेतृत्व में देश विकास के रास्ते पर आगे बढ़ेगा। नवीन शपथ-ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हुए। ओड़िशा के वित्त मंत्री प्रदीप कुमार आमट को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भेजा गया था।
इस बीच, कैबिनेट मंत्री पद पाने वाले नेताओं के समर्थन में भी जश्न मनाया गया। स्मृति ईरानी को कैबिनेट मंत्री बनाए जाने पर अमेठी लोकसभा क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ताओं ने जमकर जश्न मनाया। अमेठी में स्मृति ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को टक्कर दी थी। हालांकि, वह अमेठी सीट हार गई थीं।
(एजेंसी)