सत्र के विस्तार पर विचार कर रही सरकार: कमलनाथ

संसद के शीलकालीन सत्र की अवधि बढ़ाने के सुझाव हैं और सरकार व्यापक विमर्श के बाद इस बारे में फैसला लेगी। केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ ने मंगलवार को यह जानकारी दी। सर्वदलीय बैठक के बाद कमलनाथ ने संवाददाताओं से कहा कि कई सदस्यों का सुझाव है कि सत्र के बीच में अवकाश (बड़े दिन की छुट्टी) हो और उसके बाद सत्र फिर से बहाल हो क्योंकि अवधि बेहद कम है।

नई दिल्ली : संसद के शीलकालीन सत्र की अवधि बढ़ाने के सुझाव हैं और सरकार व्यापक विमर्श के बाद इस बारे में फैसला लेगी। केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ ने मंगलवार को यह जानकारी दी। सर्वदलीय बैठक के बाद कमलनाथ ने संवाददाताओं से कहा कि कई सदस्यों का सुझाव है कि सत्र के बीच में अवकाश (बड़े दिन की छुट्टी) हो और उसके बाद सत्र फिर से बहाल हो क्योंकि अवधि बेहद कम है। यह कुछ सदस्यों की मांग है। संसद का शीतकालीन सत्र 5 से 20 दिसंबर को निर्धारित है।
कमलनाथ ने कहा कि यह सुझाव लोकसभा के सदस्यों की ओर से आया है और सरकार राज्यसभा के सदस्यों के साथ ही साथ पूर्वोत्तर और दक्षिणी क्षेत्रों के सदस्यों के साथ विमर्श करेगी और देखेगी कि क्या राय बनती है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ अन्य पार्टियों ने शीतकालीन सत्र के विस्तार की मांग की है।
सर्वदलीय बैठक के बाद लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि सत्र की अवधि विस्तार को लेकर आम राय है क्योंकि राजनीतिक दल कई मुद्दे उठाना चाहते हैं और सत्रावधि कम है। (एजेंसी)