बीजेपी के अध्‍यक्ष पद की दौड़ में अमित शाह, नड्डा और माथुर का नाम आगे

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नए अध्‍यक्ष को लेकर गुरुवार को चर्चा हो सकती है। अध्‍यक्ष पद की रेस में जेपी नड्डा, ओम माथुर और अमित शाह का नाम आगे है।

ज़ी मीडिया ब्‍यूरो/बिमल कुमार
नई दिल्‍ली : भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नए अध्‍यक्ष को लेकर गुरुवार को चर्चा हो सकती है। अध्‍यक्ष पद की रेस में जेपी नड्डा, ओम माथुर और अमित शाह का नाम आगे है।
गौर हो कि राजनाथ सिंह को गृह मंत्री बनाए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी नए अध्यक्ष की तलाश में जुट गई है। इस पद के लिए तीन नाम प्रमुख तौर पर सामने आ रहे हैं, लेकिन अमित शाह के नाम पर चर्चा कुछ अधिक है। यूपी में बीजेपी को अभूतपूर्व जीत दिलाने का श्रेय पाने के बाद से अमित शाह का राजनीतिक बढ़ा है। सूत्रों के अनुसार, नड्डा के नाम पर अभी पूरी तरह सहमति नहीं बन रही है।
वैसे भी राजनाथ सिंह को बीजेपी अध्यक्ष पद छोड़ना होगा क्योंकि पार्टी में एक व्यक्ति एक पद की नीति है। सिंह ने बुधवार को संघ के नेताओं से मुलाकात कर अध्यक्ष पद के उम्मीदवार पर चर्चा की।
गौर हो कि सरकार गठन के बाद बीजेपी में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने बुधवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत और संघ के अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर उनकी जगह पार्टी का शीर्ष पद संभालने वाले संभावित नामों को लेकर चर्चा की।
सूत्रों ने बताया कि भागवत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी फोन पर बात की लेकिन यह नहीं ज्ञात हो पाया कि दोनों के बीच क्या बात हुई। राजनाथ मोदी सरकार में गृह मंत्री हैं। उन्होंने भागवत के साथ कुछ समय बिताया और पार्टी में संभावित बदलावों को लेकर चर्चा की। साथ ही उन्होंने सरकार गठन के बाद अपनी जगह अध्यक्ष पद पर किसे लाया जाए, इस बारे में बात की। समझा जाता है कि उन्होंने संघ नेताओं से अनुच्छेद 370 को लेकर भी चर्चा की।
भाजपा अध्यक्ष के रूप में राजनाथ की जगह पाने वालों में पार्टी महासचिवों जेपी नड्डा, अमित शाह और ओम प्रकाश माथुर के नाम चल रहे हैं। नड्डा चर्चाओं से दूर रहने वाले हिमाचल प्रदेश के नेता हैं, शाह को मोदी का नजदीकी माना जाता है जबकि माथुर राजस्थान भाजपा के पूर्व प्रमुख हैं जो संघ के करीबी माने जाते हैं।
भागवत और राजनाथ की बातचीत के दौरान भाजपा में संघ के प्रतिनिधि सुरेश सोनी भी मौजूद थे। उम्मीद है कि राजनाथ जल्द ही पार्टी अध्यक्ष का पद छोड़ेंगे क्योंकि वह अब भाजपा के नेतृत्व वाली राजग सरकार का हिस्सा हैं। भाजपा के संगठन में आमूल चूल बदलाव की उम्मीद है क्योंकि अधिकांश नेता अब सरकार में शामिल हो गए हैं। पार्टी संगठन में नए चेहरे देखने को मिल सकते हैं।