नारायण साईं ने कबूला-अपनी आठ शिष्याओं के साथ थे उसके शारीरिक संबंध

गुजरात पुलिस ने यहां दावा किया कि आसाराम के बेटे नारायण साईं ने एक महिला द्वारा उसके खिलाफ लगाए गए बलात्कार के आरोपों को ‘कमोबेश’ स्वीकार कर लिया है। पूछताछ में साईं ने यह भी कबूल किया कि उसकी अपनी आठ महिला शिष्‍या के साथ शारीरिक संबंध थे।

ज़ी मीडिया ब्‍यूरो
सूरत: गुजरात पुलिस ने यहां दावा किया कि आसाराम के बेटे नारायण साईं ने एक महिला द्वारा उसके खिलाफ लगाए गए बलात्कार के आरोपों को ‘कमोबेश’ स्वीकार कर लिया है। पूछताछ में साईं ने यह भी कबूल किया कि उसकी अपनी आठ महिला शिष्‍या के साथ शारीरिक संबंध थे।
सूरत के पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना ने मीडियाकर्मियों को बताया, ‘हमारी गहन पूछताछ में साईं ने (सूरत आधारित) दो बहनों में से एक द्वारा लगाए गए बलात्कार के आरोपों को कमोबेश स्वीकार कर लिया है ।’ उन्होंने बताया कि साईं ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया कि उसके अपनी आठ शिष्याओं के साथ शारीरिक संबंध थे ।
अस्थाना ने कहा कि जानकारी में यह बात सामने आई है कि साई अपनी सेविकाओं में से एक के बच्चे का पिता है ।’ अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने शिकायतकर्ता की मौजूदगी में साईं से संयुक्त पूछताछ की । यह पता लगाने के लिए साईं से गहन पूछताछ की गई कि वह 58 दिन तक गिरफ्तारी से कैसे बचता रहा और उस समय किसने उसकी मदद की जब वह फरार था ।
पुलिस ने बताया कि साई से उसकी अलग हुई पत्नी की मौजूदगी में भी पूछताछ की गई । साईं को एक स्थानीय अदालत ने पांच दिसंबर को 11 दिसंबर तक के लिए पुलिस की हिरासत में भेज दिया था ।
अस्थाना ने बताया कि हालांकि, साईं का रिमांड आज खत्म हो गया, लेकिन पूछताछ और सबूत जुटाने के लिए उसकी पुलिस हिरासत और बढ़ाए जाने की मांग की जाएगी तथा उसे आज अदालत में पेश किया जाएगा ।
दिल्ली-हरियाणा सीमा पर गिरफ्तारी के बाद साईं को 4 दिसंबर को सूरत लाया गया था । दोनों बहनों ने साईं और उसके पिता आसाराम के खिलाफ यौन उत्पीड़न, अवैध रूप से रोककर रखने तथा अन्य आरोपों के तहत शिकायत दर्ज कराई थी ।
सूरत पुलिस ने 40 वर्षीय साई के खिलाफ बलात्कार, अप्राकृतिक यौन संबंध, यौन उत्पीड़न, जबरन रोक कर रखने, अवैध रूप से एकत्र होने, घातक हथियारों के साथ दंगा करने, आपराधिक इरादे और आपराधिक षड्यंत्र सहित भादंसं की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था । दोनों बहनों में से छोटी बहन ने आरोप लगाया था कि जब वह 2002 से 2005 के बीच सूरत आश्रम में रह रही थी तो उस समय साई ने उसका बार-बार यौन उत्पीड़न किया ।
बड़ी बहन ने आसाराम के खिलाफ अपनी शिकायत में कहा था कि जब वह 1997 से 2006 के बीच अहमदाबाद के बाहरी इलाके में स्थित उसके आश्रम में रही थी तो आसाराम ने बार-बार उसका यौन उत्पीड़न किया ।
आसाराम के खिलाफ शुरू में सूरत के जहांगीरपुरा थाने में दर्ज हुई शिकायत अहमदाबाद के चंदखेड़ा थाने में स्थानांतरित कर दी गई थी क्योंकि कथित घटना उसी थाना क्षेत्र में हुई थी।