नेताजी सुभाषचंद्र बोस की मौत एक पहेली ही रह गई!

भारतीय स्वतंत्रता के इतिहास के महानायक नेताजी सुभाषचंद्र बोस का जीवन और उनकी मौत दोनों ही रहस्यमयी रहे।

ज़ी मीडिया ब्यूरो
नई दिल्ली: भारतीय स्वतंत्रता के इतिहास के महानायक नेताजी सुभाषचंद्र बोस का जीवन और उनकी मौत दोनों ही रहस्यमयी रहे। नेताजी का जन्म 23 जनवरी के दिन दिन हुआ था। 2014 में इस दिन सुभाष चंद्र बोस की 117 वीं जयंती मनाई जा रही है। सुभाष चन्द्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 उड़ीसा के कटक शहर में हुआ था, लेकिन बोस की मृत्यु को लेकर आजतक असमंजस्य बना हुआ है।
इंडियन नेशनल आर्मी के संस्थापक नेता सुभाष चंद्र बोस की मौत पर 69 साल बाद भी सस्पेंस बरकरार है। समय गुजरने के साथ ही भारत में ज्यादातर लोग ये मानते है कि नेता जी की मौत ताईपे में विमान हादसे में हुई। इसके अलावा एक वर्ग ऐसा भी है जो विमान हादसे की बात को स्वीकार नहीं करता है। ताईपे सरकार ने भी कहा था 1944 में उसके देश में कोई विमान हादसा नहीं हुआ था।
सुभाषचंद्र बोस की मृत्यु हवाई दुर्घटना में मानी जाती है। हालांकि इस बारे में काफी विवाद रहे। माना जाता है कि दूसरे विश्व युद्ध में जापान के आत्मसमर्पण के कुछ दिन बाद दक्षिण पूर्वी एशिया से भागते हुए एक हवाई दुर्घटना में 18 अगस्त 1945 को बोस की मृत्यु हो गई। एक मान्यता यह भी है कि बोस की मौत 1945 में नहीं हुई, वह उसके बाद रूस में नजरबंद थे। उनके गुमशुदा होने और दुर्घटना में मारे जाने के बारे में कई विवाद छिड़े। लेकिन सच कभी सामने नहीं आया।
हालांकि पिछले साल ज़ी न्यूज से साथ एक खास साक्षात्कार में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की बेटी अनीता बोस ने कहा था कि उन्हें भी इस बात पर पूरा यकीन है कि उनके पिता की मौत दुर्भाग्यपूर्ण विमान हादसे में हो गई। उन्होंने कहा था कि नेताजी की मौत का सबसे बड़ा कारण विमान हादसा ही है। कमोबेश उनकी मौत विमान हादसे की वजह से मानी जाती है इससे इतर जो बातें हैं महज अटकलबाजी हो सकती हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि नेताजी की मौत विमान हादसे में हुई।
अनिता ने इस इंटरव्यू के दौरान कहा था कि अगर नेताजी विमान हादसे के बाद कहीं छिपे होते तो उन्होंने अपने परिवार से संपर्क करने की कोशिश की होती और नहीं तो जब देश आजाद हुआ तो वे भारत लौटे होते।

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