देश में खाद्यान्नों की कोई कमी नहीं होगी: रामविलास पासवान

केन्द्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान ने आज यहां आश्वस्त किया है कि मौसम विभाग द्वारा कम बर्षा होने की चेतावनी दी जाने के बावजूद देश में खाद्यान्नों की कोई कमी नहीं होगी।

सिवनी (एमपी) : केन्द्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान ने आज यहां आश्वस्त किया है कि मौसम विभाग द्वारा कम बर्षा होने की चेतावनी दी जाने के बावजूद देश में खाद्यान्नों की कोई कमी नहीं होगी।

पासवान ने आज यहां आयोजित खाद्य सुरक्षा पर्व को संबोधित करते हुए कहा, सरकार के पास इतना गेहूं और चावल का भण्डार है कि एक साल तक लोगों को खाद्य मुहैया कराया जा सकता है और किसी भी अकाल अथवा अन्य स्थिति से निपटने के लिए देश तैयार है।

कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) द्वारा महंगाई के मुद्दे पर भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीये) की सरकार की आलोचना करने के लिए संप्रग पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, अभी-अभी हमारी सरकार ने केन्द्र में सत्ता संभाली है और अभी मुश्किल से 35 दिन हुए हैं। हम व्यवस्था को चुस्त और दुरूस्त करने में लगे हैं, जन्म भर का बोझ एक ही दिन साफ नहीं होता है।

इस अवसर पर पासवान ने यह भी घोषणा की कि मध्यप्रदेश को दिये जाने वाले खाद्य में अब 75 प्रतिशत गेहूं तथा 25 प्रतिशत चावल केन्द्र सरकार उपलब्ध कराएगी।

उन्होंने मध्यप्रदेश में खाद्य सुरक्षा कानून को लागू किए जाने की सराहना करते हुए कहा कि देश के 25 से अधिक राज्य इस कानून को लागू नहीं कर पाये हैं, लेकिन मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कुशल प्रशासन ने यह काम किया है।

पासवान ने मुख्यमंत्री चौहान की यह कहकर भी तारीफ की कि मध्यप्रदेश में सबसे पहले ‘मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना’ चलाई गई, जिसके अंतर्गत गरीब लोगों को एक रुपये प्रति किलोग्राम गेहूं, चावल और नमक दिया जाता है।। उन्होंने कहा कि पूरे देश में खाद्यान्न बीपीएल, एपीएल, अन्त्योदय और खाद्य सुरक्षा कानून के तहत वितरण किया जा रहा है।

पासवान ने कहा कि मध्यप्रदेश में साढ़े सात करोड़ की आबादी है, जिसमें से 5.42 करोड़ लोगों को खाद्य सुरक्षा में शामिल किया गया है। हम बिहार व अन्य राज्यों में जाते हैं, तो पाते हैं कि वहां 10 प्रतिशत लोगों को भी खाद्य सुरक्षा कानून में शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने यह आदेश पहले ही दे दिया है कि 50 लाख टन चावल खुले बाजार में दिया जाये।

पासवान ने कहा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने उन्हें बार-बार आग्रह किया था कि यहां के लोग चावल ज्यादा खाते हैं, जिस पर अमल करते हुए हमने मध्यप्रदेश को दिये जाने वाले 80 प्रतिशत गेहूं के कोटा को कम करके 75 प्रतिशत कर दिया है और चावल के कोटे की मात्रा को 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया है। इस मौके पर चौहान ने अपनी सरकार द्वारा गरीबों के लिए चलाए जा रहे विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।