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शिंदे के दौरे के दौरान पाकिस्तान ने किया संघर्ष विराम का उल्लंघन

केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे के जम्मू एवं कश्मीर दौरे के दौरान मंगलवार को भी पाकिस्तान ने पुंछ जिले में भारतीय चौकियों पर गोलीबारी की। पाकिस्तान की ओर से लगातार किए जा रहे संघर्ष विराम संधि के उल्लंघन पर केंद्रीय गृह मंत्री अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर स्थिति का जायजा लेने के लिए राज्य के दौरे पर आए।

जम्मू : केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे के जम्मू एवं कश्मीर दौरे के दौरान मंगलवार को भी पाकिस्तान ने पुंछ जिले में भारतीय चौकियों पर गोलीबारी की। पाकिस्तान की ओर से लगातार किए जा रहे संघर्ष विराम संधि के उल्लंघन पर केंद्रीय गृह मंत्री अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर स्थिति का जायजा लेने के लिए राज्य के दौरे पर आए।
रक्षा प्रवक्ता कर्नल आर. के. पालटा ने कहा, "पाकिस्तानी सेना ने मंगलवार सुबह भीमबर गली इलाके के हमीरपुर में संघर्ष विराम संधि का उल्लंघन किया है।"
प्रवक्ता ने कहा, "उन्होंने मोर्टारों, स्वचलित और छोटे हथियारों से हमारे ठिकानों को निशाना बनाया है। हमारे जवानों ने उसी क्षमता के हथियारों का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तानी गोलीबारी का माकूल जवाब दिया है।"
उन्होंने कहा, "मंगलवार को सुबह 10:35 बजे गोलीबारी शुरू हुई और दोपहर के पूर्व 11:15 तक चलती रही।" संघर्ष विराम की यह घटना सोमवार रात जम्मू जिले में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर आरएसपुरा सेक्टर में भारतीय सैन्य ठिकानों पर पाकिस्तानी सैनिकों की भारी गोलीबारी के कुछ ही घंटों बाद हुई है।
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक अधिकारी ने कहा कि आरएसपुरा सेक्टर के निक्कोवल और अब्दुल्लियां इलाके में भारतीय ठिकानों को निशाना बनाने के लिए पाकिस्तानियों ने 82 एमएम के मोर्टार और अन्य भारी हथियारों का इस्तेमाल किया है।
अधिकारी ने कहा, "सोमवार सुबह 9:45 बजे गोलीबारी शुरू हुई। हमने पाकिस्तानी गोलीबारी का मजबूती से जवाब दिया।" इस वर्ष की शुरुआत से ही पाकिस्तानी सैनिकों ने संघर्ष विराम का कई बार खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन किया है। दोनों देशों के बीच नवंबर 2003 में संघर्ष विराम संधि हुई थी।
संघर्ष विराम के बाद जम्मू एवं कश्मीर में अंतर्राष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा के समीप रहने वाले लोगों की जिंदगी में शांति लौटी थी। लेकिन इस वर्ष के शुरू होते ही पाकिस्तान की ओर से बार-बार हो रहे संघर्ष विराम उल्लंघन की घटनाओं से सीमा पर स्थिति गांवों के कई परिवारों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। (एजेंसी)