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मोदी के शपथ ग्रहण में शामिल होने के लिए श्रीलंकाई राष्ट्रपति राजपक्षे और मॉरीशस के पीएम रामगुलाम दिल्ली पहुंचे

देश के 15वें प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ लेने से पहले नरेंद्र मोदी ने सोमवार सुबह राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी को दिल्ली के राजघाट पहुंचकर श्रद्धांजलि दी ।

ज़ी मीडिया ब्यूरो/संजीव कुमार दुबे
नई दिल्ली: नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण में शामिल होने के लिए विशिष्ट मेहमानों का सिलसिला जारी है। श्रीलंका के राष्ट्रपति महिन्दा राजपक्षे और मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीन राम गुलाम प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने आज यहां पहुंच गए । राजपक्षे शपथ ग्रहण के लिए आमंत्रित छह दक्षेस राष्ट्र प्रमुखों में से एक हैं । आज शाम राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में होने वाले इस समारोह में करीब 4,000 अतिथि शामिल होंगे ।
भूटान के प्रधानमंत्री लियोंचेन त्शेरिंग तोबगे और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना की प्रतिनिधि के रूप में स्पीकर शिरीन चौधरी समारोह में शामिल होने कल ही यहां पहुंच चुके हैं । मोदी के शपथग्रहण समारोह के समय हसीना जापान की यात्रा पर हैं । साथ ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ भी शपथ ग्रहण में शामिल होंगेय़
लोकसभा चुनावों में भाजपा को शानदार जीत दिलाने वाले मोदी आज शाम राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में एक भव्य समारोह के दौरान शपथ लेंगे। इस समारोह में दक्षेस देशों के नेताओं समेत विदेशी प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
भारत के 15वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने से पहले नरेंद्र मोदी ने आज राजघाट का दौरा किया और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। मोदी ने महात्मा गांधी के स्मारक राजघाट पर 10 मिनट बिताए। हषर्वर्धन, विजय गोयल और विजेंद्र गुप्ता समेत दिल्ली भाजपा के कई नेता राजघाट पर मौजूद थे।
इसके बाद वह देश के पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के घर पहुंचे और उन्होंने वाजपेयी जी का आशीर्वाद लिया । इसके मोदी गुजरात भवन गए। जहां इस वक्त उनसे मिलने कई नेता पहुंचे। बताया जा रहा है कि मोदी ने अपने कैबिनेट के संभावित मंत्रियों को गुजरात भवन बुलाया । बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह, रामविलास पासवान, चिराग पासवान, नीतिन गडकरी, वीके सिंह, पीयूष गोयल, अरुण जेटली, हर्षवर्धन, रविशंकर प्रसाद, अनंत गीते ,राधा मोहन सिंह, गोपीनाथ मुंडे सहित कई नेता मोदी से मिलने के लिए गुजरात भवन पहुंचे।
इस बीच नरेंद्र मोदी की कैबिनेट लगभग तय हो गई है। मंत्रियों के नाम सामने आने लगे हैं। खबरों के मुताबिक मोदी की कैबिनेट में राजनाथ, जेटली और सुषमा स्वराज को अहम मंत्रालय मिलना तय माना जा रहा है। इसके अलावा जिन होने वाले मंत्रियों के नाम सामने आ रहे हैं उनमें बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद, निर्मला सीतारमण, हर्षवर्धन, धर्मेंद्र प्रधान और पूर्व सेनाध्यक्ष वीके सिंह के अलावा पीयूष गोयल का भी नाम शपथ लेने वाले मंत्रियों की सूची में है।

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी निवर्तमान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी के उपाध्यक्ष राहुल गांधी, विभिन्न दलों के नेताओं और कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों समेत कई नेताओं की मौजूदगी में मोदी और उनके मंत्रिमंडल को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी राजसी भवन के आलीशान प्रांगण में एक आलीशान समारोह में 63 वर्षीय मोदी और उनके मंत्रिपरिषद के सहयोगियों को भारतीय संविधान की शपथ देकर अपने पद के अनुरूप कार्य करने का दायित्व सौंपेंगे। इस मौके पर निवर्तमान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी के उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी मौजूद रहेंगे। इनके अलावा विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और राजनीतिक दलों के नेता भी इस समारोह में आमंत्रित मेहमानों की सूची में हैं। मोदी की मां हीराबा के भी इस समारोह में मौजूद रहने की संभावना है।
शरीफ और राजपक्षे के अलावा विदेशी अतिथियों में अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई, भूटान के प्रधानमंत्री त्शेरिंग तोबगे, नेपाल के प्रधानमंत्री सुशील कोइराला और मालदीव के राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन अब्दुल गयूम शामिल हैं। बांग्लादेश का प्रतिनिधित्व वहां की संसद की स्पीकर शिरीन चौधरी करेंगी क्योंकि प्रधानमंत्री शेख हसीना शपथ ग्रहण समारोह के समय जापान की यात्रा पर होंगी।
यह पहला मौका है, जब दक्षेस देशों के राष्ट्राध्यक्षों को भारतीय प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। अटल बिहारी वाजपेयी के नक्शे कदम पर चलते हुए मोदी ने राष्ट्रपति भवन की ऐतिहासिक इमारत के प्रांगण में शपथ ग्रहण करने की इच्छा जताई थी ताकि समारोह में ज्यादा से ज्यादा लोग शिरकत कर सकें। इससे पहले चंद्रशेखर ने भी इसी प्रांगण में प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। वैसे राष्ट्रपति भवन का खूबसूरत दरबार हॉल इस तरह के समारोहों का साक्षी हुआ करता है, लेकिन वहां चूंकि 500 मेहमानों की आवभगत की व्यवस्था है इसलिए अधिक बड़ी जगह का चयन किया गया।
राष्ट्रपति भवन के आसपास के कार्यालय दोपहर बाद एक बजे बंद कर दिए जाएंगे, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां उनकी जांच करेंगी। सुरक्षा गणतंत्र दिवस के समान होगी। सूत्रों ने बताया कि भारतीय वायु सेना ने क्षेत्र के हवाई क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक हवाई सुरक्षा व्यवस्था की है और अति सुरक्षा वाले इलाके के आसपास तमाम उंची इमारतों में स्नाइपर्स तैनात किए जाएंगे।
राष्ट्रपति भवन में भी विशिष्ट अतिथियों की आवभगत के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि दक्षेस नेताओं के साथ उनके राजनयिक दल भी मौजूद रहेंगे। स्थापत्य कला, राजनीतिक महत्व एवं खूबसूरती के लिहाज से देश की सर्वश्रेष्ठ इमारतों में से एक राष्ट्रपति भवन को इस तारीखी मौके के लिए पूरे शाही अंदाज में संवारा जा रहा है। इमारत के विशाल प्रांगण में कुर्सियां बिछ चुकी हैं और राष्ट्रीय राजधानी की शदीद गर्मी की तपिश मेहमानों तक न पहुंचे इसके लिए खास इंतजामात किए जा रहे हैं।
(एजेंसी इनपुट के साथ)