क्षेत्रीय आकांक्षाएं गठबंधन सरकार में बाधक : कांग्रेस

कांग्रेस ने माना कि क्षेत्रीय आकांक्षाओं के जरिए देश की विविध आवश्यकताएं कभी-कभी गठबंधन सरकार में प्रतिरोधक के तौर पर काम करती हैं। उसने मतदाताओं से इस हकीकत को समझने को कहा है।

नई दिल्ली : दो गठबंधन सरकारों का लगातार नेतृत्व करने के बाद कांग्रेस ने माना कि क्षेत्रीय आकांक्षाओं के जरिए देश की विविध आवश्यकताएं कभी-कभी गठबंधन सरकार में प्रतिरोधक के तौर पर काम करती हैं। उसने मतदाताओं से इस हकीकत को समझने को कहा है।
कांग्रेस की यह टिप्पणी पार्टी के मुखपत्र ‘कांग्रेस संदेश’ में ऐसे समय में आई है जब ऐसा लगता है कि उसके आगे चुनाव की मुश्किल चुनौती है और पार्टी के एक धड़े का मानना है कि 2009 में संप्रग-2 की सरकार के रूप में गठबंधन का प्रयोग दोहराने की बजाय पार्टी को विपक्ष में बैठना चाहिए था और स्पष्ट जनादेश का इंतजार करना चाहिए था।
पार्टी ने अपने मुखपत्र में कहा, ‘हम सीमित संसाधनों के साथ बढ़ती अर्थव्यवस्था हैं और हमें अपने साधनों और सीमाओं के भीतर प्रगति करने की आवश्यकता है। क्षेत्रीय आकांक्षाओं के जरिए देश की विविधतापूर्ण आवश्यकताएं कभी-कभी गठबंधन सरकार में प्रतिरोधक के तौर पर काम करती हैं।’ पार्टी ने कहा, ‘यह जरूरी है कि मतदाता 21 वीं सदी में देश को आगे ले जाने के लिए जिस पार्टी को चुनने का मन बनाना चाहता है उससे पहले वह इस हकीकत को समझ ले।’ (एजेंसी)