शपथ समारोह में पड़ोसियों को बुलाना लोकतंत्र का जश्न: बीजेपी

नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के समारोह में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे को आमंत्रित किए जाने की अन्नाद्रमुक और कांग्रेस सहित कुछ सहयोगी दलों की आलोचनाओं को खारिज करते हुए भाजपा ने गुरुवार को कहा कि यह लोकतंत्र का जश्न मनाने का निमंत्रण है और इसे इसी रूप में लिया जाना चाहिए।

नई दिल्ली : नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के समारोह में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे को आमंत्रित किए जाने की अन्नाद्रमुक और कांग्रेस सहित कुछ सहयोगी दलों की आलोचनाओं को खारिज करते हुए भाजपा ने गुरुवार को कहा कि यह लोकतंत्र का जश्न मनाने का निमंत्रण है और इसे इसी रूप में लिया जाना चाहिए।
भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह लोकतंत्र के एक खुशगवार उत्सव में लोगों को भागीदार बनाने का प्रयास है और इसके लिए दिए गए निमंत्रणों को केवल इसी रूप में लिया जाए। उन्होंने कहा कि जब नए निर्वाचित प्रधानमंत्री शपथ लेने जा रहे हैं तो उस अवसर पर सद्भावना का माहौल बनाने के लिए दक्षेस देशों के सरकार प्रमुखों को आमंत्रित करना एक जिम्मेदारी भरी चेष्टा है।
पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि हम निश्चित तौर पर चाहेंगे कि हमारे पड़ोसी इस खुशी के अवसर में शरीक हों। एमडीएमके जैसे राजग के कुछ सहयोगी दलों सहित तमिलनाडु के राजनीतिक दलों द्वारा राजपक्षे को आमंत्रित किए जाने का विरोध किए जाने के बारे में किए गए सवाल पर उन्होंने कहा कि मुझे पूरी उम्मीद है कि वे इस निमंत्रण के पीछे की भावना को समझेंगे। कांग्रेस ने नवाज शरीफ को निमंत्रण भेजने के लिए भाजपा को आड़े हाथ लेते हुए उसे याद दिलाया कि यही दल कहता आया है कि आतंकवाद और वार्ता साथ-साथ नहीं चल सकते।
इस पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने कहा कि पूरे चुनाव प्रचार के दौरान आप पाकिस्तान के खिलाफ खूब बोले और अब वहां के प्रधानमंत्री को अपने शपथ समारोह में आमंत्रित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसलिए, भाजपा को आत्मवालोकन करना चाहिए कि आतंक और आमंत्रण क्या साथ साथ चल सकते हैं। (एजेंसी)

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