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फुटेज से मोदी पर सवाल डिलीट करने की मांग करते ज़ी न्यूज पर पकड़े गए मुरली मनोहर जोशी

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी का ज़ी न्यूज को दिया गए एक अधूरा साक्षात्कार उनके और उनकी पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है तो दूसरी ओर लोकसभा चुनाव में भाजपा को घरेने के लिए नए मुद्दे की तलाश कर रही कांग्रेस को यह अधूरा साक्षात्कार एक नया हथियार दे सकता है।

ज़ी मीडिया ब्यूरो
लखनऊ : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी का ज़ी न्यूज को दिया गए एक अधूरा साक्षात्कार उनके और उनकी पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है तो दूसरी ओर लोकसभा चुनाव में भाजपा को घरेने के लिए नए मुद्दे की तलाश कर रही कांग्रेस को यह अधूरा साक्षात्कार एक नया हथियार दे सकता है। इस साक्षात्कार में जोशी भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर सवाल न पूछने के लिए ज़ी मीडिया के रिपोर्टर को धमकी दे रहे हैं लेकिन उनकी यह धमकी कैमरे में कैद हो गई।
सोमवार को ज़ी मीडिया के साथ साक्षात्कार के बीच में जोशी ने रिपोर्टर से कहा कि वह उनसे राष्ट्रीय मुद्दों से जुड़े प्रश्न पूछें न कि मोदी के बारे में। भाजपा के वरिष्ठ नेता ने ज़ी मीडिया के रिपोर्टर और कैमरामैन से साक्षात्कार का पूरा फूटेज दिखाने और किसी तरह के विवाद से खुद को बचाने के लिए फुटेज डिलीट करने के लिए कहा।
ज़ी मीडिया के रिपोर्टर ने फुटेज डिलीट किए जाने का विरोध किया और कहा कि वह साक्षात्कार को फिक्स न करें। इस पर जोशी ने धमकाते हुए कहा कि वे उनके घर से बाहर नहीं जा पाएंगे। जोशी ने न केवल साक्षात्कार का पूरा फूटेज देखा बल्कि किसी तरह के विवाद से बचने के लिए फूटेज डिलीट भी किया।
गौरतलब है कि अभी कुछ दिनों पहले जोशी ने कहा था कि देश में मोदी की लहर नहीं बल्कि भाजपा की लहर है।
एक मलयालम समाचार चैनल से बातचीत में जोशी ने कहा था, `यह लहर हो या वह लहर, मोदी एक पीएम उम्मीदवार के रूप में पार्टी के प्रतिनिधि हैं। यह उनके व्यक्तित्व की लहर नहीं है, यह नुमाइंदगी की लहर है। मोदी को देश के अलग-अलग भागों, समाज के विभिन्न वर्गों और भाजपा के सभी नेताओं से समर्थन मिल रहा है।`
मोदी के वाराणसी सीट से चुनाव लड़े जाने पर कानपुर से चुनाव मैदान में उतरे जोशी ने भाजपा से जसवंत सिंह के निकाले जाने पर भी अपनी आवाज बुलंद की थी।
वहीं, इस पूरे प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस प्रवक्ता अखिलेश सिंह ने कहा, `मेरी पार्टी इस तरह के कृत्यों में कभी शामिल नहीं रही। मीडिया की स्वतंत्रता को सीमित नहीं किया जाना चाहिए।`
जबकि भाजपा नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, `यह पत्रकारिता की आजादी के खिलाफ है। ऐसा करना गलत है और ऐसा नहीं किया जाना चाहिए था।`