शनि के बर्फीले चंद्रमा पर छिपा समुद्र मिला

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के वैज्ञानिकों का कहना है कि उन्हें शनि के बर्फीले चंद्रमा एनसेलादूस पर बर्फीली चट्टानों के नीचे एक विशाल समुद्र छिपा मिला है जो संभवत: जीवन को समर्थन देने में सक्षम हो।

वाशिंगटन : अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के वैज्ञानिकों का कहना है कि उन्हें शनि के बर्फीले चंद्रमा एनसेलादूस पर बर्फीली चट्टानों के नीचे एक विशाल समुद्र छिपा मिला है जो संभवत: जीवन को समर्थन देने में सक्षम हो।
वैज्ञानिकों का कहना है कि गुरूत्वाकर्षण के आकलन से तकरीबन 30 से 40 किलोमीटर मोटी बर्फीली चट्टान के नीचे 10 किलोमीटर की गहराई पर समुद्र होने के संकेत मिल रहे हैं।
नासा के कैसीनी अंतरिक्षयान और डीप स्पेस नेटवर्क ने यह दिखाया है कि एनसेलादूस पर तरल जल का विशाल भूमिगत समुद्र है।
नासा की इस खोज ने शनि के इस चंद्रमा पर वैज्ञानिकों की रुचि बढ़ा दी है कि यहां परग्रहीय सूक्ष्मजीवन के आसार मिल सकते हैं। कैसिनी ने जब 2005 में एनसेलादूस के दक्षिणी ध्रुव के छिद्रों से जलवाष्प और बर्फ निकलते देखा तो उसी समय अनुसंधानकर्ताओं ने वहां भूमिगत जलाशय की उपस्थिति का सिद्धांत पेश किया था।
नए आंकड़ों ने एनसेलादूस की आंतरिक संरचना की पहली भूभौतिक पैमाइश पेश की है। यह चंद्रमा के अंदर छिपे समुद्र के अस्तित्व से मेल खाता है। अनुसंधानकर्ता एवं नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेट्री के समी अस्मार ने कहा, ‘‘जब अंतरिक्षयान एनसेलादूस से गुजरता है तो उसकी गति में विचलन आता है जिसका परिमान गुरुत्वाकषर्ण क्षेत्र में परिवर्तन पर निर्भर करता है जिसे हम मापने की कोशिश कर रहे हैं।’’
अस्मार ने बताया, ‘‘हम गति में परिवर्तन को रेडियो आवृत्ति में परिवर्तन के रूप में देखते हैं जिसे हम सौर प्रणाली से गुजरते हुए अपने जमीनी केन्द्रों पर प्राप्त करते हैं।’’ सतह से नीचे समुद्र का सबूत एनसेलादूस का नाम सौर प्रणाली के उन स्थानों की सूची में शामिल करने का समर्थन करता है जहां सूक्ष्मजीवन की बहुत संभावना है।
कैसीनी शनि पर जुलाई 2004 में पहुंचा था। उससे पहले किसी सूची में महज 500 किलोमीटर व्यास वाले इस चंद्रमा को शमिल नहीं किया गया था। यह निष्कर्ष विज्ञान पत्रिका ‘साइंस’ में प्रकाशित हुआ है। (एजेंसी)