दूसरी पारी में भाग्य ने साथ नहीं दिया: धोनी

न्यूजीलैंड के हाथों पहले टेस्ट मैच में 40 रन की हार के बाद भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अपने गेंदबाजों की जमकर तारीफ की लेकिन उन्होंने कहा कि दूसरी पारी में कुछ फैसलों में भाग्य ने भारत का साथ नहीं दिया।

आकलैंड : न्यूजीलैंड के हाथों पहले टेस्ट मैच में 40 रन की हार के बाद भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अपने गेंदबाजों की जमकर तारीफ की लेकिन उन्होंने कहा कि दूसरी पारी में कुछ फैसलों में भाग्य ने भारत का साथ नहीं दिया। धोनी ने मैच के बाद कहा, गेंदबाजों ने शानदार गेंदबाजी करके हमें मैच में वापसी दिलायी। मैंने एक अच्छे विकेट पर अपने गेंदबाजों का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देखा। उन्होंने दबाव बनाये रखा और इसके साथ ही विकेट हासिल करने वाली गेंदें डाली। उन्हें आगे भी ऐसा प्रदर्शन करने की जरूरत है।
भारत ईडन पार्क पर 407 रन का लक्ष्य का पीछा करते हुए 366 रन बनाकर आउट हुआ। इस बीच कुछ फैसले भारत के पक्ष में नहीं गये और धोनी ने भी इनका जिक्र किया। उन्होंने कहा, हमने पहली पारी में अच्छी बल्लेबाजी नहीं की। दूसरी पारी में हमारे कुछ बल्लेबाजों ने वास्तव में अच्छा खेल दिखाया। कुछ फैसलों में भाग्य ने हमारा साथ नहीं दिया। अंजिक्य (रहाणे) के खिलाफ फैसला मुश्किल भरा था। वह बेहद महत्वपूर्ण समय था।
इस बीच न्यूजीलैंड के कप्तान और पहली पारी में 224 रन बनाने के लिये मैन आफ द मैच चुने गये ब्रैंडन मैकुलम ने दबाव में अच्छा प्रदर्शन करने के लिये अपने गेंदबाजों की तारीफ की। उन्होंने कहा, निश्चित तौर पर ऐसा समय था जबकि हमारी बैचेनी बढ़ गयी थी। उन्होंने हमें काफी दबाव में ला दिया था। नील वैगनर का स्पैल शानदार रहा। यह शानदार टेस्ट मैच था और हमें इसे हमेशा याद रखेंगे। बल्लेबाजी के दौरान हम कुछ विषम क्षणों से उबरे थे।
उन्होंने विशेष रूप से वैगनर की तारीफ की जिन्होंने मैच में आठ विकेट लिये। मैकुलम ने कहा, नील ने बेहतरीन खेल दिखाया। उसे जब भी मौका मिला उसने उसका फायदा उठाया। उसकी भूमिका अधिक से अधिक ओवर करना, खतरनाक गेंदबाजी करना तथा टिम साउथी और ट्रेंट बोल्ट को आक्रमण का मौका मुहैया कराना है। वह विकेट का हकदार था। उसने मैच का पासा पलटा।
मैकुलम ने भारत को फालोआन नहीं देने के फैसले का बचाव भी किया। उन्होंने कहा, फालोआन नहीं देने के बाद हमने अच्छी बल्लेबाजी नहीं की लेकिन उनकी गेंदबाजी भी शानदार रही। यदि हम कुछ और रन बनाते तो अच्छा रहता। फालोआन को लेकर प्रत्येक की अपनी अपनी राय थी। हमें यह फैसला करना था। आपको इस फैसले के साथ जीना मरना पड़ता और ईश्वर का आभार है कि हम इसके साथ जिंदा हैं। (एजेंसी)