पहले टेस्ट में जीत से राहत महसूस कर रहे हैं मैकुलम

न्यूजीलैंड के कप्तान ब्रैंडन मैकुलम पहले क्रिकेट टेस्ट में भारत को फालोआन नहीं खिलाने के फैसले के उनकी टीम की हार में नहीं बदलने के बाद राहत महसूस कर रहे हैं। न्यूजीलैंड ने आज यहां भारत को 40 रन से हराकर दो मैचों की श्रृंखला में 1-0 की बढ़त बना ली।

ऑकलैंड : न्यूजीलैंड के कप्तान ब्रैंडन मैकुलम पहले क्रिकेट टेस्ट में भारत को फालोआन नहीं खिलाने के फैसले के उनकी टीम की हार में नहीं बदलने के बाद राहत महसूस कर रहे हैं। न्यूजीलैंड ने आज यहां भारत को 40 रन से हराकर दो मैचों की श्रृंखला में 1-0 की बढ़त बना ली।
मैकुलम ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘‘हमें लगा कि हमारे पास बड़ा स्कोर है और अगर हम अच्छी गेंदबाजी करते हैं तो यह काफी रन होंगे। हमें उनके बल्लेबाजों के स्तर का पता है और कैसे वह बड़ी पारियां और साझेदारियां बनाने में सक्षम हैं। एक समय जब उनका स्कोर दो विकेट पर 220 रन था तो हम थोड़ा दबाव में आ गए थे। उन्होंने जो किया उसके लिए और विश्व रैंकिंग में वह जिस पायदान पर हैं उसके लिए हम भारतीय टीम का काफी सम्मान करते हैं और इसने इस जीत को काफी विशेष बना दिया। ’’ न्यूजीलैंड ने पहली पारी में 503 रन बनाने के बाद भारत को 202 रन पर ढेर कर दिया था। मेजबान टीम ने भारत को फालोआन नहीं दिया और दूसरी पारी में सिर्फ 105 रन पर ढेर हो गई। यह फैसला हालांकि एक समय उसके लिए परेशानी का सबब बन गया था। भारत लक्ष्य के काफी करीब पहुंच गया था लेकिन अंत में हार गया।
मैकुलम ने कहा, ‘‘आप किसी फैसले पर खेद नहीं जता सकते और जब आप कोई फैसला लेते हो तो कुछ सोच विचार करके लेते हो। अंतत: किसी ना किसी को यह फैसला करना होता है और मुझे लगता है कि यह मेरा काम था। मैंने फैसला किया और मुझे एक क्षण के लिए भी इसका मलाल नहीं है। ऐसी कोई गारंटी नहीं थी कि हम दूसरी पारी में भारत को 100 रन पर आउट कर देते और मैं शुरू से कहता आया हूं कि हमारे पास ऐसे गेंदबाज हैं जो 20 विकेट चटका सकते हैं। रविंद्र जडेजा की मौजूदगी में मुझे इस विकेट पर अंतिम दिन 150 से 200 रन के लक्ष्य का पीछा करना बिलकुल भी पसंद नहीं था।’’ न्यूजीलैंड के कप्तान ने कहा कि उन्हें अब भी लगता है कि भारतीयों के लिए 407 रन का लक्ष्य पर्याप्त था।
उन्होंने कहा, ‘‘जब हमने फालोआन नहीं देने का फैसला किया तो हमने उम्मीद की थी कि हम दूसरी पारी में 100 से तो ज्यादा रन बना पाएंगे लेकिन हम इतने ही रन बना पाए और मुझे अब भी लगता है कि 400 रन का लक्ष्य काफी अच्छा था। खेल के इतिहास में तीन ही टीमें 400 से अधिक के लक्ष्य को हासिल कर पाई हैं।’’ मैकुलम ने पहली पारी में अपने दोहरे शतक को अपनी अब तक की सर्वश्रेष्ठ पारी करार दिया।
मैकुलम ने कहा, ‘‘यह निश्चित तौर पर सर्वश्रेष्ठ पारी है जो मैंने न्यूजीलैंड की ओर से खेली। यह कड़ा टेस्ट मैच था। हमने आज काफी जज्बा और जुनून दिखाया और अंत में नतीजा हासिल करने में सफल रहे।’’ न्यूजीलैंड के कप्तान ने स्वीकार किया कि भारत के दो विकेट पर 202 रन बनाने के बावजूद मेजबान टीम इसलिए जीत दर्ज करने में सफल रही क्योंकि नील वैगनर (62 रन पर चार विकेट) ने शानदार गेंदबाजी की।
इस हार के साथ ही भारत को न्यूजीलैंड दौरे पर अब भी अपनी पहली जीत का इंतजार है। टीम अब वेलिंगटन में दूसरे टेस्ट मैच के साथ दौरे का अपना अंतिम मैच खेलेगी और यह उसके पास जीत दर्ज करने का अंतिम मौका होगा। (एजेंसी)