हमने बैटिंग में फिर से वही गलतियां दोहराई : धोनी

भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने आज कहा कि टीम ने महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट गंवाने की पुरानी गलतियों को फिर से दोहराया जिससे उसे न्यूजीलैंड के खिलाफ चौथे वनडे अंतराष्ट्रीय मैच में आज यहां हार का सामना करना पड़ा।

हैमिल्टन : भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने आज कहा कि टीम ने महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट गंवाने की पुरानी गलतियों को फिर से दोहराया जिससे उसे न्यूजीलैंड के खिलाफ चौथे वनडे अंतराष्ट्रीय मैच में आज यहां हार का सामना करना पड़ा। धोनी ने भारत की सात विकेट से हार के बाद कहा, ‘हमने बल्लेबाजी में फिर से वही गलतियां दोहरायी। हमनें महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट गंवाये जैसा कि अब तक इस सीरीज में होता रहा है। इसके बावजूद हम 280 रन के करीब पहुंच गये थे। यदि हम अच्छी गेंदबाजी करते तो यह अच्छा स्कोर था लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। ’
धोनी अपने तेज गेंदबाजों के प्रदर्शन से नाखुश दिखे। उन्होंने कहा, ‘शुरू से ही हमने काफी बाउंड्री दी। हमने बल्लेबाजों को खेलने का पूरा मौका दिया और लगातार शॉर्ट पिच गेंद की जिसका मतलब था कि वे आसानी से रन बना सकते थे। हमारी शुरूआत अच्छी नहीं रही।’ धोनी ने कहा, ‘स्पिनरों ने अच्छी गेंदबाजी की लेकिन फिर तेज गेंदबाजों ने जिम्मा संभाला और आसानी से रन लुटाये। इसका मतलब यह हुआ कि स्पिनरों ने जो दबाव बनाया था हम उसे कायम नहीं रख पाये थे। तेज गेंदबाजों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा लेकिन सकारात्मक पहलू यह रहा कि स्पिनरों ने वास्तव में अच्छी गेंदबाजी की।’
धोनी से पूछा गया कि जब अपने शुरूआती स्पैल में रविंद्र जडेजा और आर अश्विन ने अच्छी गेंदबाजी की थी तो उन्हें आक्रमण से क्यों हटाया गया, उन्होंने कहा, ‘हमारे तेज गेंदबाजों ने शुरूआती दस ओवरों में जिस तरह की गेंदबाजी की उससे मुझे विश्वास नहीं था कि वह बाद में दबाव बना पाएंगे। इसलिए मेरा निजी विचार था कि स्पिनरों विशेषकर जडेजा का उपयोग बाद में करना चाहिए जबकि बल्लेबाज बड़े शाट खेलने की कोशिश करेंगे।’
भारत ने शिखर धवन और सुरेश रैना को बाहर बिठाया। विराट कोहली से पारी का आगाज करवाया और अंजिक्य रहाणे तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिये आये। अंबाती रायुडु ने 2013 के जिम्बाब्वे दौरे के बाद अपना पहला वनडे मैच खेला जबकि स्टुअर्ट बिन्नी को पदार्पण का मौका मिला। धोनी ने इस बारे में कहा, ‘हमें कभी न कभी ये बदलाव करने थे। रैना अच्छी शुरूआत को बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर पा रहा था। यदि आप कभी किसी खिलाड़ी को कुछ मैचों से बाहर करते हो तो वह अपने खेल के बारे में सहज होकर सोच सकता है। इसलिए हमने शिखर और सुरेश रैना दोनों को इस मैच से बाहर किया।’
उन्होंने कहा, ‘हमने विराट से बात की और वह पारी की शुरूआत करने को लेकर आश्वस्त था। इससे हमें रहाणे को नंबर तीन और रायुडु को नंबर चार पर उतारने का मौका मिला। रहाणे सलामी बल्लेबाज के तौर पर आया था। हमने कुछ महीने पहले चयनकर्ताओं के साथ मध्यक्रम में अच्छे बल्लेबाज रखने पर फैसला किया था। हम पहले उसे सलामी बल्लेबाज के रूप में अपना चुके हैं और यह नहीं चल पाया। इसलिए हम उसे मध्यक्रम में आजमा रहे हैं।’ (एजेंसी)