सिर्फ सचिन नहीं, पूरी टीम पर होगा फोकस : सैमी

सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट का दूत बताते हुए वेस्टइंडीज के कप्तान डेरेन सैमी ने आज कहा कि आगामी दो टेस्ट मैचों की सीरीज में उनका फोकस सिर्फ तेंदुलकर पर नहीं बल्कि पूरी भारतीय टीम पर होगा।

कोलकाता : सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट का दूत बताते हुए वेस्टइंडीज के कप्तान डेरेन सैमी ने आज कहा कि आगामी दो टेस्ट मैचों की सीरीज में उनका फोकस सिर्फ तेंदुलकर पर नहीं बल्कि पूरी भारतीय टीम पर होगा।
सैमी ने आज यहां प्रेस कांफ्रेंस में कहा, सचिन अदभुत क्रिकेटर हैं। पिछले 24 साल में उनकी उपलब्धियां ही यह जाहिर कर देती है। तेंदुलकर के आखिरी दो टेस्ट को लेकर बनी हाइप के बावजूद उन्होंने कहा कि यह दो देशों के बीच मुकाबला है। उन्होंने कहा, हम यहां आकर बहुत खुश हैं। हम यहां टेस्ट क्रिकेट खेलने आये हैं और हमने अपने लक्ष्य तय कर रखे हैं। काफी रोमांच और हाइप है लेकिन आखिर में तो यह मुकाबला भारत और वेस्टइंडीज के बीच का है। अखबारों में आज शीषर्क था कि वेस्टइंडीज तेंदुलकर की विदाई सीरीज के रंग में भंग डालना चाहता है और सैमी ने भी कहा कि वह भारत को कड़ी चुनौती देंगे।
उन्होंने कहा, सुबह अखबारों ने यह शीषर्क लगाकर मुझे दुश्मन नंबर एक बना दिया। हम सभी सचिन का सम्मान करते हैं लेकिन सिर्फ इसलिये कि यह उनका आखिरी टेस्ट है, हम उन्हें शतक नहीं बनाने देंगे। उन्होंने कहा, यदि वह पहली गेंद पर आउट हो जाते हैं तो यह हमारे लिये अच्छा होगा। मुझे पता है कि हमें दोनों टेस्ट में कठिन चुनौती मिलेगी । जब भारतीय टीम हमें नहीं बख्शने वाली तो हम उन्हें खुलकर क्यों खेलने दे ।
सैमी ने कहा, हम तेंदुलकर को वानखेड़े स्टेडियम पर आखिरी टेस्ट के बाद गार्ड ऑफ ऑनर देंगे। उन्होंने इतने साल में यह सम्मान अर्जित किया है। एक टीम के रूप में हम उनका काफी सम्मान करते हैं। वह खेल के दूत रहे हैं और हम उन्हें वह सम्मान देंगे, जिसके वह हकदार हैं। तेंदुलकर से पहली मुलाकात को याद करते हुए उन्होंने कहा, यह 2003-04 की बात है। मैं एमसीसी बनाम शेष विश्व एकादश सुनामी मैच खेल रहा था। मैं उनसे लार्डस पर मिला। वह मेरे लिये सम्मान की बात थी। उन्होंने कहा, उन्होंने दो दशक से अधिक समय तक भारतीयों की अपेक्षाओं का बोझ उठाया है और इसके बावजूद वह इतने विनम्र हैं। उनके आखिरी दो टेस्ट में खेलना हमारे लिये अच्छी सीरीज होगी। (एजेंसी)