अकाल तख्त ने HSGMC के पदाधिकारियों के कामकाज पर लगाई रोक

सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त ने रविवार को एक नये दिशादिर्नेश में हरियाणा सिख गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी (एचएसजीएमसी) के नवनियुक्त पदाधिकारियों के कामकाज पर रोक लगा दी।

अमृतसर : सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त ने रविवार को एक नये दिशादिर्नेश में हरियाणा सिख गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी (एचएसजीएमसी) के नवनियुक्त पदाधिकारियों के कामकाज पर रोक लगा दी।

संस्था ने यह निर्देश भी दिया कि अमृतसर स्थित एसजीपीसी ही हरियाणा के 25 बड़े सिख धर्मस्थलों के दैनिक कामकाज का प्रबंधन संभालेगा जिनकी औसत वाषिर्क आय 30 करोड़ रुपये है। एसजीपीसी ने सभी सिख संगठनों और पार्टियों को निर्देश दिया है कि अलग एचएसजीएमसी के निर्माण को लेकर उठे विवाद का मैत्रीपूर्ण ढंग से समाधान निकलने तक मीडिया को कोई बयान जारी नहीं किया जाए।

इससे एक दिन पहले पूरे मामले में हस्तक्षेप करते हुए अकाल तख्त ने यहां और करनाल में सिखों को निर्देश दिया था कि हरियाणा में अलग गुरूद्वारा प्रबंध कमेटी के गठन को रद्द किया जाए। अकाल तख्त के प्रमुख गुरबचन सिंह ने आज हरियाणा के सिख नेताओं से कहा कि हरियाणा में सिखों के धर्मस्थलों का प्रबंधन संभालने की अमृतसर स्थित एसजीपीसी की पूर्ववर्ती प्रशासनिक व्यवस्था को बाधित नहीं किया जाए।

सिंह के हवाले से एक बयान में कहा गया, ‘हाल ही में खासतौर पर हरियाणा सरकार द्वारा एचएसजीएमसी के गठन के बाद सिख समुदाय के बीच अशांति का माहौल बन गया।’ अकाल तख्त के प्रमुख ने ताजा दिशानिर्देशों के साथ नवनियुक्त 11 सदस्यीय समिति के कामकाज पर रोक लगा दी जिनमें अध्यक्ष जगदीश सिंह झिंडा और अन्य पदाधिकारी शामिल हैं।

हरियाणा विधानसभा ने 11 जुलाई को हरियाणा सिख गुरूद्वारा प्रबंध विधेयक 2014 पारित किया था जिस पर राज्यपाल जगन्नाथ पहाड़िया ने 14 जुलाई को मुहर लगा दी थी। हरियाणा सरकार ने कानून को वापस लेने के केंद्र के दिशानिर्देश को मानने से इनकार कर दिया था। पंजाब से हरियाणा के कानून को असंवैधानिक और अवैध करार दिया था।

इस बीच अकाल तख्त के निर्देशों पर ध्यान नहीं देते हुए कट्टरपंथी सिख संगठन दल खालसा के प्रवक्ता कंवरपाल सिंह ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल के आज यहां होने वाले सम्मेलन को रद्द करने के लिए कहकर अकाल तख्त ने अकाली दल नेतृत्व को बचने का रास्ता दे दिया है।

उन्होंने कहा कि हैरानी की बात है कि अकाल तख्त प्रमुख ने करनाल सम्मेलन के आयोजकों :एचएसजीपीसी नेताओं: को भी यही निर्देश जारी किया है जिन्हें कुछ दिन पहले उन्होंने सिख पंथ से बाहर निकाला था। सिंह ने अकाल तख्त के प्रमुख से अनुरोध किया कि संकट के समाधान के लिए समुदाय के बुजुर्ग व्यक्ति की भूमिका निभाएं और पक्षपाती तरीके से काम नहीं करें।