विभाजन के बाद बंटवारे पर एकरूपता की जरूरत : नरसिम्हन

आंध्रप्रदेश का जिस तरीके से विभाजन हुआ उससे ‘गहरी निराशा’ पैदा होने और इसके दूर होने में समय लगने का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन ने आज कहा कि लोगों की आकांक्षा पर खरा उतरने के लिए संपत्ति और देनदारियों के बंटवारे संबंधी मतभेद के निपटारे की जरूरत है।

हैदराबाद : आंध्रप्रदेश का जिस तरीके से विभाजन हुआ उससे ‘गहरी निराशा’ पैदा होने और इसके दूर होने में समय लगने का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन ने आज कहा कि लोगों की आकांक्षा पर खरा उतरने के लिए संपत्ति और देनदारियों के बंटवारे संबंधी मतभेद के निपटारे की जरूरत है।

नए आंध्रप्रदेश राज्य की विधानपरिषद और विधानसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में विभिन्न मुद्दों पर राज्य सरकार की नीतियों और रूख का उल्लेख करते हुए कहा कि कर्ज विभाजन, सत्ता का बंटवारा, शिक्षा क्षेत्र के मुद्दों का निपटारा सतत सिद्धांत पर होना चाहिए और इसके लिए एकरूपता समय की मांग है। उन्होंने कैडरों के न्यायसंगत वितरण पर भी बल दिया।

राज्यपाल ने कहा, ‘तेलगु भाषी लोग राज्य सीमांकन के अशांत इतिहास के गवाह रहे हैं और वर्तमान पुनर्गठन ने फिर से उनके हृदय और भावनाओं पर गहरा असर छोड़ा है। अखंड आंध्रप्रदेश के विभाजन का फैसला और जिस तरह से यह किया गया इससे काफी निराशा हुयी है।’ उन्होंने कहा विभाजन के अवैज्ञानिक तरीके से तेलगु लोगों की मनोदशा पर गहरा असर पड़ा है और उन जख्मों को भरने में कुछ समय लगेगा।