मुंबई में हड़ताल से बेस्ट की बसें सड़कों से गायब, यात्री परेशान

शहर की सार्वजनिक बस सेवा बेस्ट के चालकों और सहचालकों के हड़ताल पर चले जाने से महानगर के हजारों यात्रियों को मंगलवार को परेशानी का सामना करना पड़ा।

मुंबई: शहर की सार्वजनिक बस सेवा बेस्ट के चालकों और सहचालकों के हड़ताल पर चले जाने से महानगर के हजारों यात्रियों को मंगलवार को परेशानी का सामना करना पड़ा। बस चालक और परिचालक नई कंप्यूटरीकृत समय-सारणी व्यवस्था के विरोध में हड़ताल पर चले गए।
शहर की बस सेवाएं सुबह से ही प्रभावित हो गईं, जिसका दफ्तर जाने वाले लोगों और परीक्षा के लिए जाने वाले स्कूली बच्चों पर सबसे ज्यादा पड़ा। यात्री फंसे रहे और कई लोगों को कार्यस्थल तक पहुंचने के लिए ऑटो का विकल्प चुनना पड़ा।
सूत्रों ने कहा कि लगभग 40 प्रतिशत कर्मचारियों ने नई समय-सारणी व्यवस्था को स्वीकार कर लिया है और फॉर्म भी भर दिए हैं। हालांकि कर्मचारी संगठनों ने इसलिए हड़ताल पर जाने का फैसला किया है क्योंकि वे 20 प्रतिशत कर्मचारियों के 12-13 घंटे के काम के खिलाफ हैं और पहले वाली मैनुअल समय-सारणी को जारी रखना चाहते हैं।
बेस्ट के महाप्रबंधक ओम प्रकाश गुप्ता ने कहा कि समय-सारणी व्यवस्था से श्रमबल का प्रयोग बेहतर हो सकेगा, बसों के चक्कर बढ़ेंगे और उपक्रम के लिए वाषिर्क रूप से 32 करोड़ रूपए की बचत होगी। बेस्ट के तहत 4200 बसें चलती हैं। मुंबई , नवी मुंबई, ठाणे और मीरा रोड से रोजाना लगभग 40 लाख यात्री इनमें यात्रा करते हैं।
इसमें लगभग 22,000 चालक, सहचालक हैं जो रोजाना 500 से भी ज्यादा मार्गों पर बसें चलाते हैं। बेस्ट प्रशासन कर्मचारी संगठनों के खिलाफ बंबई उच्च न्यायालय जाने की योजना बना रहा है। उसका आरोप है कि ये संगठन चालकों और सहचालकों को हड़ताल पर जाने के लिए उकसा रहे हैं। (एजेंसी)

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