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गैस कीमत मामला: एसीबी ने दर्ज किया केस; मोइली, अंबानी और देवड़ा के नाम शामिल

दिल्ली के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गैस की कीमत के मुद्दे पर रिलायंस के खिलाफ बुधवार को प्राथमिकी दर्ज की। एसीबी ने केजी बेसिन से निकलने वाली गैस के मामले में इस केस को दर्ज किया है।

ज़ी मीडिया ब्‍यूरो
नई दिल्‍ली : दिल्ली के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गैस की कीमत के मुद्दे पर रिलायंस के खिलाफ बुधवार को प्राथमिकी दर्ज की। एसीबी ने केजी बेसिन से निकलने वाली गैस के मामले में इस केस को दर्ज किया है। पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली, आरआईएल प्रमुख मुकेश अंबानी, पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली देवड़ा और सेवानिवृत हाइड्रोकार्बन निदेशक वीके सिब्बल के नामों का आज दिल्ली सरकार के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा रिलायंस गैस मुद्दे पर दर्ज प्राथमिकी में उल्लेख किया गया। कल ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि एसीबी को केजी बेसिन से निकलने वाली प्राकृतिक गैस के मूल्य में वृद्धि को लेकर कथित साठगांठ की जांच करने को कहा गया है। उसके बाद आज एसीबी ने प्राथमिकी दर्ज की।
सूत्रों ने बताया कि प्राथमिकी में मोईली, अंबानी, देवड़ा और सिब्बल के नाम हैं। केजरीवाल ने आज प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर उनसे जांच पूरी होने तक एक अप्रैल से गैस के दाम बढ़ाने के फैसले को लागू नहीं करने का अनुरोध किया।
गौर हो कि दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रिलायंस पर मंत्रियों से सांठगांठ कर गैस की कीमत बढ़ाने का आरोप लगाया है। केजरीवाल ने केजी बेसिन से निकलने वाली प्राकृतिक गैस के दामों में वृद्धि के लिए सांठगांठ का आरोप लगाते हुए पेट्रोलियम मंत्री एम वीरप्पा मोइली, पूर्व मंत्री मुरली देवड़ा और आरआईएल के अध्यक्ष मुकेश अंबानी के खिलाफ मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था।
केजरीवाल ने केंद्र से एक अप्रैल से प्रभावी गैसों की मूल्यवृद्धि के फैसले पर रोक लगाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) को भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के प्रावधानों के तहत आपराधिक मामला दर्ज करने के लिए कहा गया। कांग्रेस के समर्थन से सरकार चला रहे मुख्यमंत्री इससे पहले राष्ट्रमंडल खेल परियोजनाओं और अन्य मुद्दों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में जांच शुरू करके कांग्रेस पर निशाना साधते आ रहे हैं। लेकिन यह पहला ऐसा फैसला है जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार के मंत्रियों और एक आला दर्जे के उद्योगपति पर प्रहार किया है।
पूर्व कैबिनेट सचिव टीएसआर सुब्रमण्यन, पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल आर एच ताहिलियानी, जानीमानी वकील कामिनी जायसवाल और पूर्व केंद्रीय सचिव ईएएस शर्मा द्वारा दाखिल ‘साझा शिकायत’ के आधार पर दर्ज मामले में हाइड्रोकार्बन के पूर्व महानिदेशक वी के सिब्बल और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के खिलाफ भी मामला चलाया जाएगा।
उधर, रिलायंस इंडस्ट्रीज ने उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आदेश को हैरान करने वाला बताया। कंपनी का कहना है कि जिन शिकायतों पर यह कदम उठाने का आदेश दिया गया, वे आधारहीन तथा गुण-दोष और तथ्यों से से परे हैं। कंपनी ने बीते दिन अपने एक बयान में कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल के गैस दाम में बढ़ोतरी के निर्णय के संदर्भ में दिल्ली सरकार का एफआईआर दर्ज करने का आदेश वास्तव में आश्चर्यकित करने वाला है।