जम्मू-कश्मीर बाढ़: 2.26 लाख से ज्यादा लोग बचाए गए, महामारी फैलने का खतरा

बाढ़ से प्रभावित जम्मू कश्मीर में राहत एवं बचाव अभियान के आज 14वें दिन में प्रवेश करने के बीच अब तक 2.26 लाख से ज्यादा लोगों को बचाया जा चुका है। इस बीच राज्य में अब महामारी फैलने का खतरा मंडरा रहा है।

जम्मू-कश्मीर बाढ़: 2.26 लाख से ज्यादा लोग बचाए गए, महामारी फैलने का खतरा

जम्मू : बाढ़ से प्रभावित जम्मू कश्मीर में राहत एवं बचाव अभियान के आज 14वें दिन में प्रवेश करने के बीच अब तक 2.26 लाख से ज्यादा लोगों को बचाया जा चुका है। इस बीच राज्य में अब महामारी फैलने का खतरा मंडरा रहा है। बाढ़ प्रभावित जम्मू-कश्मीर में महामारी फैलने से रोकने के लिए केन्द्र सरकार ने डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ भेजने सहित अन्य सभी प्रकार की चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने का आज आश्वासन दिया।

रक्षा प्रवक्ता कर्नल एस डी गोस्वामी ने सोमवार को बताया, ‘सशस्त्र बलों और एनडीआरएफ ने जम्मू कश्मीर में जारी बचाव एवं राहत अभियानों में अब तक 2,26,000 से ज्यादा लोगों को बचाया है।’ गोस्वामी ने बताया कि इनमें से 1.40 लाख लोगों को सेना के जवानों ने सुरक्षित निकाला है तथा बचाव एवं राहत अभियान 14वें दिन में प्रवेश कर गया।

सशस्त्र बलों द्वारा राहत एवं बचाव अभियानों के लिए जम्मू क्षेत्र में मिशन राहत जबकि कश्मीर क्षेत्र के लिए मिशन सहायता शुरू किया गया था। उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना और थलसेना एविएशन कोर के 80 परिवहन विमान और हेलीकाप्टरों को राहत एवं बचाव अभियानों में लगाया गया है।

उन्होंने बताया कि सेना ने राहत एवं बचाव अभियानों में करीब 30 हजार जवानों को तैनात किया है। 5,08,000 लीटर से ज्यादा पानी और 1,054 टन खाने के पैकेट तथा तैयार भोजन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहले ही वितरित किए जा चुके हैं।

गोस्वामी ने बताया कि वस्त्र मंत्रालय, रेड क्रास सोसाइटी और पंजाब तथा झारखंड सरकार द्वारा दिए गए 33 हजार से ज्यादा कंबल आज बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भेजे जा रहे हैं। इसके पहले 8,200 कंबल और 1,572 टेंट बाढ़ पीड़ितों को मुहैया कराए गए थे। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों के हेलीकाप्टरों और विमानों ने 2,451 उड़ानें भरी हैं तथा 3,435 टन राहत सामग्री वायुसेना द्वारा गिराई गई है।

राहत एवं बचाव अभियानों में सेना की 224 नावों और एनडीआरएफ की 148 नावों को भी शामिल किया गया है।

गोस्वामी ने बताया कि सशस्त्र बलों ने श्रीनगर और जम्मू क्षेत्र में 19 राहत शिविर स्थापित किए हैं। श्रीनगर क्षेत्र में बीबी कैंट, अवंतीपुर, ओल्ड एयरफील्ड, सुमबल, जीजामाता मंदिर आदि स्थानों पर राहत शिविर स्थापित किए गए हैं जहां हजारों लोगों को शरण दी गयी है।

उन्होंने कहा कि बाढ प्रभावित लोगों को भोजन तथा अन्य मूलभूत सुविधाएं मुहैया करायी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सड़क संपर्क बहाल करने के लिए सीमा सड़क संगठन के पांच कार्यबलों को श्रीनगर, राजौरी और अखनूर में तैनात किया गया है। इनमें 5700 कर्मी हैं।

बाढ़ प्रभावित राज्य और वहां चल रहे चिकित्सा शिविरों का दौरा करने के बाद केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व्यक्तिगत रूप से स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। हर्षवर्धन ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल एन. एन. वोहरा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ बैठकें करने के अलावा अधिकारियों से स्थिति पर चर्चा की। बाढ़ के कारण प्रदेश में खसरा फैलने का खतरा है।

बाढ़ से बचकर बाहर निकले जवाहर नगर के सैकड़ों लोगों के लिए बाढ़ अभी भी सबसे बड़ी त्रासदी है क्योंकि उनके जीवन भर की कमाई और उनके मकान दोनों बाढ़ के मलबे में दबे पड़े हैं और अधिकारियों का कहना है कि उसे साफ करने में महीनों लगेंगे। सशस्त्र बलों की करीब 80 मेडिकल टीमें युद्ध स्तर पर पहले ही काम शुरू कर चुकी हैं। अवंतिपुरा, पट्टन, अनंतनाग तथा ओल्ड एयरफील्ड में चार फील्ड अस्पताल स्थापित किए गए हैं जहां बीमार लोगों को चिकित्सा सहायता मुहैया करायी जा रही है। अभी तक इन अस्पतालों में 51, 476 मरीजों का इलाज किया गया है। इसके अलावा श्रीनगर में भी दो पूर्ण सुसज्जित फील्ड अस्पताल स्थापित किए गए हैं जहां लैब टैस्ट की भी सुविधा उपलब्ध है।

 

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