शरद पवार के संस्थान को भूमि आवंटन पर शिवसेना ने जताई आपत्ति

शिवसेना ने शुक्रवार को महाराष्ट्र मंत्रिमंडल के उस हालिया फैसले पर आपत्ति जताई है, जिसमें शरद पवार के वसंतदादा शुगर इंस्टीट्यूट को गन्ने पर शोध के लिए एक रूपए की दर से 30 साल के लिए पुणे जिले में 36 एकड़ भूमि पट्टे पर देने की बात कही गई है।

शरद पवार के संस्थान को भूमि आवंटन पर शिवसेना ने जताई आपत्ति

मुंबई : शिवसेना ने शुक्रवार को महाराष्ट्र मंत्रिमंडल के उस हालिया फैसले पर आपत्ति जताई है, जिसमें शरद पवार के वसंतदादा शुगर इंस्टीट्यूट को गन्ने पर शोध के लिए एक रूपए की दर से 30 साल के लिए पुणे जिले में 36 एकड़ भूमि पट्टे पर देने की बात कही गई है।

शिवसेना की प्रवक्ता नीलम गोरहे ने कहा कि कृपया हमें बताएं कि आवंटन के लिए क्या मापदंड अपनाए गए। पुणे जिले से शिवसेना की इस नेता ने कहा कि इस तरह के आवंटनों में पारदर्शिता बरती जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि यह कोई सरकारी संस्थान होता तो बात समझ में आ सकती थी। लेकिन ऐसा नहीं है। हम जानना चाहेंगे कि इस संस्थान ने किसानों के लिए क्या किया है? वीएसआई के प्रबंधन का काम 11 सदस्यों वाला ट्रस्ट देखता है, जिसकी अध्यक्षता पवार के हाथ में है।

पहले डेक्कन शुगर इंस्टीट्यूट के नाम से पहचाने जाने वाला वीएसआई एक स्वायत्त संस्थान है और सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 और बॉम्बे पब्लिक ट्रस्ट्स एक्ट, 1950 के तहत पंजीकृत है। इसकी स्थापना वर्ष 1975 में महाराष्ट्र के सहकारी चीनी कारखानों के गन्ना उगाने वाले सदस्यों ने की थी। यह संस्थान चीनी उद्योग से जुड़े वैज्ञानिक, तकनीकी और शैक्षणिक कार्य करता है और इसे केंद्र सरकार के विज्ञान और तकनीकी विभाग के शोध केंद्र के रूप में पहचाना जाता है।