मिस्र में ब्रदरहुड नेता और 36 इस्लामवादियों को उम्रकैद की सजा

मिस्र में पिछले साल सेना द्वारा राष्ट्रपति मोहम्मद मुरसी को पद से हटाने के बाद हिंसक प्रदर्शन में संलिप्तता को लेकर मुस्लिम ब्रदरहुड के सर्वोच्च गाइड मोहम्मद बैडी और 36 अन्य इस्लामवादियों को एक अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, जो मुस्लिम ब्रदरहुड के लिए एक और झटका है। बैडी को पहले ही दो अन्य मामलों में मौत की सजा सुनाई जा चुकी है।

काहिरा : मिस्र में पिछले साल सेना द्वारा राष्ट्रपति मोहम्मद मुरसी को पद से हटाने के बाद हिंसक प्रदर्शन में संलिप्तता को लेकर मुस्लिम ब्रदरहुड के सर्वोच्च गाइड मोहम्मद बैडी और 36 अन्य इस्लामवादियों को एक अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, जो मुस्लिम ब्रदरहुड के लिए एक और झटका है। बैडी को पहले ही दो अन्य मामलों में मौत की सजा सुनाई जा चुकी है।

मुस्लिम ब्रदरहुड को एक अन्य झटके में बैडी उन 48 में से 37 प्रतिवादियों में शामिल हैं जिन्हें आज आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। इन 48 प्रतिवादियों पर हिंसा को उकसाने और पिछले साल कलीयूब राजमार्ग को अवरूद्ध करने का आरोप है। 10 अन्य प्रतिवादियों को जून में उनकी अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई गई थी। उनकी मौत की सजा को देश के मुफ्ती-ए-आजम ने उनके फैसले को मंजूरी दी थी। मिस्र के कानून के अनुसार सभी मौत की सजा के फैसलों की समीक्षा की जानी चाहिए।

अहराम ऑनलाइन की रिपोर्ट के अनुसार एक प्रतिवादी को तीन साल के कारावास की सजा दी गई है। बैडी के अलावा जिन लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई उसमें ब्रदरहुड के सदस्य मोहम्मद अल बेलतागी और ओसामा यासीन शामिल हैं।

अभियोजन ने उन पर आतंकवादी संगठन का सदस्य होने, सड़क पर यातायात बाधित करने, सार्वजनिक एवं निजी संपत्ति में तोड़फोड़ करने, अवैध रूप से हथियार रखने और शांति में खलल डालने का भी आरोप लगाया। पीठासीन न्यायाधीश फरीद ने कहा कि मुरसी को सेना द्वारा अपदस्थ किए जाने के बाद पिछले साल जुलाई में हुई हिंसा और हत्या में प्रतिवादी शामिल थे।

न्यायाधीश ने कहा कि प्रतिवादियों ने आतंकी लक्ष्य हासिल करने के लिए हिंसा को अंजाम दिया। मार्च में ऊपरी मिस्र के मिनया फौजदारी अदालत ने ब्रदरहुड के 529 ब्रदरहुड समर्थकों को मौत की सजा सुनाई थी। पिछले साल अगस्त से हजारों की संख्या में मुर्सी समर्थक गिरफ्तार किए गए हैं। राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सीसी ने ब्रदरहुड का सफाया करने का संकल्प लिया है। पूर्व सेना प्रमुख सीसी मई में राष्ट्रपति चुने गए थे।