Breaking News

अब तक जो देखा, आईएसआईएल उन सबसे अलग है : अमेरिका

अमेरिका ने कहा है कि विचारधारा, युद्ध, वित्तीय क्षमता और अमेरिकी लोगों पर आसन्न खतरे के संदर्भ में अब तक के पारंपरिक आतंकवादी संगठनों की तुलना में आईएसआईएल कहीं ज्यादा खतरनाक है।

अब तक जो देखा, आईएसआईएल उन सबसे अलग है : अमेरिका

वॉशिंगटन : अमेरिका ने कहा है कि विचारधारा, युद्ध, वित्तीय क्षमता और अमेरिकी लोगों पर आसन्न खतरे के संदर्भ में अब तक के पारंपरिक आतंकवादी संगठनों की तुलना में आईएसआईएल कहीं ज्यादा खतरनाक है।

अमेरिकी रक्षा मंत्री चक हेगल ने कहा, ‘अब तक हमने जितने भी गुट देखे हैं उनमें आईएसआईएल अधिक परिष्कृत तथा ज्यादा बेहतर तरीके से वित्त पोषित है। वे एक आतंकवादी गुट से कहीं हट कर हैं। उनके पास विचारधारा, रणनीतिक जटिलता और सामरिक सैन्य कौशल है।’

उन्होंने पेंटागन में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘वे उन सबसे अलग हैं जिन्हें हमने अब तक देखा है। इसलिए हमें हर बात के लिए तैयार रहना चाहिए और यह सब शांत, फौलादी और सुविचारित तरीके से ही किया जा सकता है..।’ संवाददाता सम्मेलन को जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमेन जनरल मार्टिन डेम्प्से ने भी संबोधित किया।

डेम्प्से ने कहा, ‘अगर वह अपने लक्ष्य हासिल करते हैं तो पूरा पश्चिम एशिया ही बदल जाएगा और सुरक्षा का ऐसा माहौल बनेगा जो निश्चित रूप से कई प्रकार से हमारे लिए खतरा होगा।’

अमेरिकी पत्रकार जेम्स फॉली की निर्मम हत्या का जिक्र करते हुए हेगल ने कहा, ‘उन्होंने जो कुछ फॉली के साथ किया, उसे देखें तो यह सभी अमेरिकियों को और यूरोपीय लोगों के साथ ऐसा करने की धमकी है, मैं नहीं जानता कि इसे बर्बरता के अलावा क्या कुछ और भी कहा जा सकता है?’ उन्होंने कहा, ‘उनके पास शालीनता और एक जिम्मेदार इन्सान जैसा आचरण नहीं है। हमारे हित चाहे इराक में हों या और कहीं, उन हितों के लिए वह खतरा हैं।’

हेगल ने इस बात पर अफसोस जताया कि इस साल गर्मियों में अमेरिकी सेना ने सीरिया में जिम फॉली सहित अन्य अमेरिकी बंधकों को मुक्त कराने के लिए गोपनीय अभियान चलाया था लेकिन उसमें सफलता नहीं मिली।

उन्होंने कहा, ‘हमें इस बात का अफसोस है कि मिशन सफल नहीं हुआ। बहरहाल, अमेरिका अपने नागरिकों को स्वदेश लाने और उन्हें बंधक बनाने वालों को न्याय के दायरे में लाने के प्रयासों पर विराम नहीं लगाएगा।’

हेगल ने कहा कि अमेरिकी सहायता से इरबिल के आसपास आईएसआईएल को कमजोर करने में इराकी तथा कुर्द बलों को मदद मिली जहां अमेरिकी राजनयिक और सैनिक काम कर रहे हैं। इसी मदद की वजह से इराकियों ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मोसुल बांध पर दोबारा कब्जा किया।