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प्रतिबंध लगाने की जी-7 की चेतावनी के बाद पुतिन से मिलेंगे नेता

क्रीमिया पर रूसी कब्जे के बाद पहली बार पेरिस में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से पश्चिमी देशों के नेताओं की मुलाकात होगी।

ब्रसेल्स: क्रीमिया पर रूसी कब्जे के बाद पहली बार पेरिस में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से पश्चिमी देशों के नेताओं की मुलाकात होगी। दरअसल, जी 7 ने चेतावनी दी है कि मास्को को अवश्य ही यूक्रेन को अस्थिर करने से बाज आना चाहिए अन्यथा उसे और अधिक प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा।
इस हफ्ते ब्रसेल्स में जी 7 बैठक में शामिल हुए ज्यादातर नेता पेरिस रवाना हो रहे हैं जहां वे लोग रूसी राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे। पुतिन ने बुधवार को कहा था कि वह यूक्रेन के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको से मिलने को तैयार हैं।
पुतिन ने कहा था, ‘मेरी योजना किसी से दूर रहने की नहीं है।’ रूसी राष्ट्रपति ने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ बैठक की इच्छा रखने का भी संकेत दिया था लेकिन यूक्रेन में सैन्य हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज कर दिया।
पुतिन ने इराक में अमेरिकी आक्रमण के बारे में तंज कसने से पहले कहा, ‘यह उनकी पसंद है, मैं वार्ता के लिए तैयार हूं।’ उन्होंने कहा, ‘सबूत? इसे देखिए। पूरी दुनिया को याद है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमेरिकी विदेश मंत्री ने कुछ परखनली में ‘वाशिंग पाउडर’ दिखाते हुए इराक के नरसंहार के हथियारों के सबूत दिखाए थे।’
फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रांसवा ओलांद ने कहा है कि वार्ता को अवश्य ही बढ़ावा दिया जाना चाहिए। ओलांद ने पेरिस में रूस और अमेरिका के नेताओं से अलग-अलग मुलाकात की। पुतिन का जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल और ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन से भी मिलने का कार्यक्रम है। कल की वार्ता के बाद अमेरिका, कनाडा, जापान, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली ने एक संयुक्त बयान जारी कर यूक्रेन में हाल में हुए चुनाव के नतीजों को मान्यता देने, देश को अस्थिर करने का कार्य रोकने और सीमा से रूसी सैनिक वापस बुलाने को कहा है।
इसमें नाकाम रहने पर जी 7 देश प्रतिबंध लगाने और अतिरिक्त प्रतिबंधात्मक उपायों को लागू करने को तैयार हैं। हालांकि, मर्केल ने कहा कि यूरोपीय देशों के नेता जून के अंत में होने वाली बैठक में रूसी कार्रवाइयों का जायजा लेंगे। (एजेंसी)