आर्कटिक दौरे के लिए कनाडा के पीएम ने चीनी मीडिया पर लगाया प्रतिबंध

कनाडा ने चीन की आधिकारिक समाचार एजेंसी और कम्युनिस्ट पार्टी के अखबार के पत्रकारों पर प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर के साथ आर्कटिक दौरे के लिए प्रतिबंध लगा दिया है जिसके बाद चीनी संवाददाताओं ने अपने साथ भेदभाव किए जाने की शिकायत की है। यह प्रतिबंध ऐसे समय पर लगाया गया है जब दोनों देशों के संबंध पहले से ही तनावपूर्ण हैं।

आर्कटिक दौरे के लिए कनाडा के पीएम ने चीनी मीडिया पर लगाया प्रतिबंध

टोरंटो : कनाडा ने चीन की आधिकारिक समाचार एजेंसी और कम्युनिस्ट पार्टी के अखबार के पत्रकारों पर प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर के साथ आर्कटिक दौरे के लिए प्रतिबंध लगा दिया है जिसके बाद चीनी संवाददाताओं ने अपने साथ भेदभाव किए जाने की शिकायत की है। यह प्रतिबंध ऐसे समय पर लगाया गया है जब दोनों देशों के संबंध पहले से ही तनावपूर्ण हैं।

कनाडा सरकार ने हाल ही में चीनी हैकरों पर अपने यहां के सर्वोच्च अनुसंधान एवं विकास संगठन की कंप्यूटर प्रणाली में घुसपैठ करने का आरोप लगाया था। चीन ने इस आरोप को खारिज कर दिया था।

कुछ ही दिन बाद चीनी प्राधिकारियों ने अपने यहां कनाडा के एक जोड़े को राष्ट्रीय सुरक्षा अनुसंधान और सेना के बारे में गोपनीय जानकारी चुराने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था। यह जोड़ा अभी भी हिरासत में है।

पीपुल्स डेली और शिन्हुआ समाचार एजेंसी के पत्रकारों को हार्पर के साथ न ले जाने का निर्णय पिछले साल की एक घटना को लेकर किया गया है। पिछले साल आर्कटिक दौरे में हार्पर की प्रवक्ता जूली वॉक्स ने जब पीपुल्स डेली के ली श्युजियांग को एक सवाल पूछने से रोका था तब ली ने जूली को धक्का दे दिया था।
 
फोन पर दिए साक्षात्कार में ली ने जूली को धक्का देने की बात स्वीकार की लेकिन कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से उन्हें सवाल पूछने की अनुमति न दे कर चीनी पत्रकारों के साथ भेदभाव किया गया। ली ने यह भी कहा कि घटना के बाद उनके साथ पुलिस ने धक्कामुक्की भी की थी। ‘उन्होंने मुझे पंक्ति से हटाने के लिए पुलिस बल का उपयोग किया था। मेरी बांह में खरोंच आ गई थी।’

कम्युनिस्ट पार्टी के अखबार के ब्यूरो चीफ और वाशिंगटन के पूर्व संवाददाता ली ने कहा कि वह यह समझ नहीं पाए कि उन्हें सवाल पूछने की अनुमति क्यों नहीं दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि हार्पर के स्टाफ ने सवालों की संख्या ही सीमित कर दी थी।

उन्होंने कहा कि इस साल आर्कटिक दौरे के लिए उन्होंने आवेदन ही नहीं किया। ‘चीनी पत्रकारों के साथ वे भेदभाव क्यों करते हैं। क्या नस्ली कारण है।’ शिन्हुआ समाचार एजेंसी के संवाददाता बाओदोंग ली ने कहा कि उन्होंने आर्कटिक दौरे के लिए आवेदन किया था लेकिन उन्हें कहा गया कि जगह न होने की वजह से वह नहीं जा सकते। उन्होंने कहा कि वह समझ नहीं पाए कि उन्हें क्यों जाने से रोका गया। उन्होंने कहा, ‘यह हास्यास्पद है। यह सिर्फ पीपुल्स डेली के संवाददाता के खिलाफ नहीं बल्कि पूरे चीनी मीडिया के खिलाफ है।’